पुणे में फैली अनोखी बीमारी, GBS की चपेट में आए 67 मरीज, जानें क्या है लक्षण

Guillain-Barre Syndrome: पुणे में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के प्रकोप के 67 मामलों की पुष्टि हुई है, जिससे शहर में चिंता का माहौल है. स्वास्थ्य विभाग ने इस बीमारी के कारणों और लक्षणों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है, जबकि लोगों को इस दुर्लभ बीमारी के प्रति जागरूक किया जा रहा है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Guillain-Barre Syndrome: महाराष्ट्र के पुणे शहर में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) नामक एक दुर्लभ बीमारी के प्रकोप का मामला सामने आया है. अब तक इस बीमारी के 67 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है. इस नई बीमारी के बारे में जानकारी मिलने के बाद, महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है. पुणे नगर निगम की सहायक स्वास्थ्य अधिकारी वैशाली जाधव ने इस संबंध में बताया कि 23 जनवरी तक 67 मरीजों का इलाज किया जा चुका है और चार जांच टीमें गठित की गई हैं.

गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली तंत्रिकाओं पर हमला करती है. इसके कारण शरीर की मांसपेशियों में कमजोरी, सुन्नपन, झुनझुनी या चलने-फिरने में कठिनाई होती है. कुछ गंभीर मामलों में लकवा या श्वसन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. पुणे के सिंहगढ़ रोड क्षेत्र में इस बीमारी के अधिकतर मामले पाए गए हैं, और इस इलाके में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष सर्वेक्षण किया जा रहा है.

कैसे फैलता है गुइलेन-बैरे सिंड्रोम?

गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के मामले अक्सर वायरस या बैक्टीरिया से संबंधित संक्रमणों के बाद सामने आते हैं. कुछ मरीजों ने इस बीमारी के आने से पहले दस्त या श्वसन संबंधी समस्याओं की शिकायत की थी. यह बीमारी प्रति वर्ष एक लाख लोगों में से 0.1-2 लोगों को प्रभावित करती है. इसके अलावा, स्वास्थ्य अधिकारियों को 'कैम्पिलोबैक्टर' संक्रमण से इस बीमारी के जुड़ाव का संदेह है, जो दूषित पानी या भोजन के माध्यम से फैलता है.

प्रकोप पर कड़ी निगरानी और सावधानियां

पुणे नगर निगम और पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम ने शहर में सुरक्षा उपायों को सख्त कर दिया है. स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा लोगों को जीबीएस के लक्षणों और सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है. पुणे न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ने भी इस बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने सलाह दी है कि लोग खाने-पीने से पहले पानी उबालें, साफ-सुथरे भोजन का सेवन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें.

जीबीएस के लक्षण और उपचार

गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के लक्षणों में कमजोरी, सुन्नपन, झुनझुनी, चलने-फिरने में कठिनाई और गंभीर मामलों में सांस लेने में समस्या हो सकती है. अगर किसी व्यक्ति में इन लक्षणों के साथ दस्त, बुखार, मतली या उल्टी जैसे संक्रमण के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है. गंभीर मामलों में ICU में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है और वेंटिलेटरी सहायता की जरूरत पड़ सकती है.

बरतें सावधानियां

स्वास्थ्य विभाग ने निम्नलिखित सावधानियों को अपनाने की सलाह दी है:

  • पानी उबालकर पिएं या बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करें.

  • कच्चे या अधपके मांस, अंडे और समुद्री भोजन से बचें.

  • सब्जियों और फलों को अच्छे से धोकर खाएं.

  • खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन से हाथ धोएं.

  • किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और सचेत रहें.

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