सिक्किम: ग्यालशिंग में आया 4.5 तीव्रता का भूकंप, अन्य क्षेत्रों में भी महसूस किए गए झटके
शुक्रवार को सिक्किम के ग्यालशिंग क्षेत्र में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. ये भूकंप सुबह 1:09 बजे आया, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.5 थी. इसके अलावा राज्य में अलग-अलग जगह लगभग 12 भूकंप के झटके महसूस किए गए.

गंगटोक: भारत के अलग-अलग राज्यों में बीते कुछ समय में कई बार भूकंप की घटनाएं दर्ज की गई हैं. शुक्रवार को सिक्किम के ग्यालशिंग क्षेत्र में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के अनुसार, ये भूकंप सुबह 1:09 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 थी.
भूकंप के झटकों के कारण लोग नींद से जागकर डर के मारे अपने घरों से बाहर निकलकर भागे. कई निवासी तो संभावित आफ्टरशॉक्स की आशंका के चलते कई मिनट तक अपने घरों से बाहर रहे. इस घटना ने लोगों के बीच दहशत और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है. हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है.
सिक्किम में महसूस किए गए बारह झटके
नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के अनुसार, सिक्किम में रात के 1 बजे से लेकर सुबह के शुरुआती घंटों के बीच लगभग 12 भूकंप के झटके महसूस किए गए. इनमें से सबसे शक्तिशाली झटके की तीव्रता 4.5 थी, जिसे सुबह 1:09 बजे दर्ज किया गया था. इसका केंद्र ग्यालशिंग क्षेत्र में 10 किलोमीटर गहराई में स्थित था. ग्यालशिंग के अलावा गंगटोक, मंगन और नामची सहित अन्य क्षेत्रों में भी 2 से 4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंपों की इस श्रृंखला ने लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है.
म्यांमार में भी आया शक्तिशाली भूकंप
भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में भी शुक्रवार सुबह भीषण भूकंप आया. यह भूकंप सुबह 6:03 बजे आया था, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.9 थी. नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से 96 किलोमीटर गहराई में स्थित था. म्यांमार में अक्सर विनाशकारी भूकंपों आते रहते है. 2025 में आए एक भीषण भूकंप ने इतने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी कि 5,000 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवाई थी.
क्यों आते हैं भूकंप?
पृथ्वी में 7 टेक्टोनिक प्लेटें होती हैं, जिनकी गति के कारण भूकंप आते हैं. ये टेक्टोनिक प्लेट्स अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार खिसकती रहती हैं. खिसकते हुए ये टेक्टोनिक प्लेटें फॉल्ट लाइन पर टकराती हैं, जिसके कारण घर्षण पैदा होता जिससे ऊर्जा निकलती है. यह ऊर्जा जब बाहर निकलती है, तो सतह पर हिलती है जिसे भूकंप के रूप में अनुभव किया जाता है.


