रोजाना कम पानी पीने की आदत बढ़ा सकती है किडनी स्टोन का खतरा
कई लोग दिनभर कम पानी पीने को छोटी सी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही आदत आगे चलकर किडनी स्टोन जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है.

नई दिल्ली: दिनभर की भागदौड़ में पानी पीना अक्सर लोगों की प्राथमिकता से बाहर हो जाता है. ऑफिस का काम, घर की जिम्मेदारियां और प्यास न लगना. ये सभी मिलकर शरीर को जरूरी मात्रा में पानी से वंचित कर देते हैं. शुरुआत में यह आदत मामूली लगती है, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है.
शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में पानी की अहम भूमिका होती है. जब शरीर को पर्याप्त तरल नहीं मिलता, तो उसका संतुलन बिगड़ने लगता है और धीरे-धीरे किडनी पर असर पड़ता है. विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक कम पानी पीना किडनी स्टोन जैसी परेशानी को जन्म दे सकता है, जिसके शुरुआती संकेत अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं.
कम पानी कैसे बनता है किडनी स्टोन की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता तो पेशाब की मात्रा कम हो जाती है. इससे किडनी में मौजूद मिनरल्स और नमक बाहर नहीं निकल पाते और धीरे-धीरे जमा होने लगते हैं. यही जमा हुए तत्व आगे चलकर स्टोन का रूप ले लेते हैं.
कम पानी पीने से पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे स्टोन बनने की आशंका और बढ़ जाती है. ज्यादा पसीना आना, कम तरल पदार्थ लेना, ज्यादा नमक और प्रोटीन वाली डाइट, लंबे समय तक पेशाब रोकना और सर्दियों में पानी कम पीना. ये सभी किडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ाने वाले कारक हैं.
शरीर कैसे देता है पानी की कमी का संकेत
जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है तो थकान, मुंह का सूखना और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखने लगते हैं. पेशाब का रंग गहरा पीला होना भी डिहाइड्रेशन का संकेत माना जाता है. कई बार चक्कर आना, कब्ज और स्किन का रूखापन भी महसूस होता है.
अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो किडनी से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं और पेट या कमर के निचले हिस्से में दर्द शुरू हो सकता है.
कैसे करें किडनी स्टोन से बचाव
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है. प्यास न लगे तब भी नियमित अंतराल पर पानी पीने की आदत बनानी चाहिए. सर्दियों में भी पानी की मात्रा कम न करें.
ज्यादा नमक और जंक फूड से दूरी रखें, पेशाब रोकने की आदत छोड़ें और किसी भी परेशानी के बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें. सही समय पर उठाया गया यह छोटा सा कदम आपको बड़ी बीमारी से बचा सकता है.


