वैलेंटाइन वीक में प्रपोज डे क्यों मनाते हैं? जानें इसका महत्व और शुरुआत

वैलेंटाइन वीक में हर दिन प्यार से भरा होता है. आज यानी 8 फरवरी को प्रपोज डे मनाया जाता है. यह वो खास मौका है जब दिल की बात कहने या लाइफ पार्टनर को प्रपोज करने का सबसे अच्छा दिन माना जाता है. क्या आप जानते हैं इसकी शुरुआत और हिस्ट्री?

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: वैलेंटाइन वीक की शुरुआत 7 फरवरी से रोज डे के साथ होती है और 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के साथ समाप्त होता है. इस सप्ताह का दूसरा दिन यानी आज 8 फरवरी को प्रपोज डे के रूप में मनाया जाता है, जब लोग अपने पार्टनर से दिल की गहराइयों से प्यार का इजहार करते हैं. यह दिन उन कपल के लिए बेहद खास होता है जो रिश्ते को और मजबूत बनाना चाहते हैं या पहली बार किसी से अपने जज्बात बयां करना चाहते हैं.

प्रपोज डे न सिर्फ प्यार की शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि यह पुराने रिश्तों में नई ताजगी और कमिटमेंट को मजबूत करने का भी सुनहरा मौका प्रदान करता है. इस दिन अंगूठी देकर प्रपोज करने की परंपरा भी काफी लोकप्रिय है, जो रिश्ते को एक नया आयाम देती है.

प्रपोज डे का मतलब और महत्व

प्रपोज डे का नाम ही बताता है कि यह दिन दिल की बात कहने और रिश्ते को आगे बढ़ाने का है. अगर आप पहले से किसी रिलेशनशिप में हैं, तो इस दिन दोबारा प्रपोज करके पुरानी यादों को तरोताजा कर सकते हैं. वहीं जो लोग शादी का प्रस्ताव देना चाहते हैं, उनके लिए 8 फरवरी एक यादगार तारीख बन सकता है. यह दिन सच्ची भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे खूबसूरत तरीका है, जिसमें कोई दिखावा नहीं, बस दिल से दिल तक का सफर होता है.

वैलेंटाइन वीक कैसे बना त्योहार?

वैलेंटाइन डे और पूरे वैलेंटाइन वीक की शुरुआत तीसरी शताब्दी के संत वैलेंटाइन से जुड़ी मानी जाती है. संत वैलेंटाइन एक पादरी थे, जिन्होंने रोमन सम्राट क्लॉडियस द्वितीय के आदेश के खिलाफ जाकर सैनिकों की शादी करवाई. सम्राट को लगता था कि शादीशुदा सैनिक अच्छे योद्धा नहीं बन सकते. इस वजह से संत वैलेंटाइन को कैद कर लिया गया और 14 फरवरी को उन्हें फांसी दे दी गई. उनकी याद में लोग इस दिन को प्यार और प्रेम पत्रों के आदान-प्रदान के रूप में मनाने लगे, जिससे धीरे-धीरे पूरा वैलेंटाइन वीक रोज डे, प्रपोज डे, चॉकलेट डे, टेडी डे, हग डे, किस डे और वैलेंटाइन डे के साथ एक बड़ा त्योहार बन गया.

प्रपोज डे की हिस्ट्री और रिंग की परंपरा

प्रपोज डे की कोई स्पष्ट ऐतिहासिक पृष्ठभूमि नहीं मिलती, लेकिन रिंग देकर प्रपोज करने की परंपरा काफी पुरानी है. माना जाता है कि 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की रिंग भेंट करके प्रपोज किया था. इसी घटना से इंगेजमेंट रिंग की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी प्रपोज डे जैसे खास दिनों पर बड़े उत्साह से निभाई जाती है.

प्रपोज डे कैसे मनाएं?

प्रपोज डे मनाने के लिए कोई फिक्स्ड नियम या महंगे गिफ्ट्स की जरूरत नहीं. इस दिन सबसे जरूरी है आपकी सच्ची भावनाएं और हिम्मत. आप अपने पार्टनर की पसंदीदा जगह पर उन्हें ले जा सकते हैं, क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं और दिल से कह सकते हैं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं. छोटी-छोटी कोशिशें जैसे हाथ पकड़कर बात करना, आंखों में आंखें डालकर प्यार जताना या एक सादा सा प्रपोजल ही इस दिन को अविस्मरणीय बना सकता है.

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