अब रिश्तों में लगेगी एक्सपायरी डेट! डेटिंग में नया ट्रेंड, जानें क्या है ‘सनसेट क्लॉज’

डिजिटल दौर में युवाओं के बीच ‘सनसेट क्लॉज’ नाम का नया डेटिंग ट्रेंड लोकप्रिय हो रहा है. इसमें रिश्ते की एक तय समय सीमा रखी जाती है, जिसके बाद दोनों आपसी सहमति से भविष्य तय करते हैं या सम्मानपूर्वक अलग हो जाते हैं.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में रिश्तों का तरीका भी बदल रहा है. मोबाइल स्क्रीन पर शुरू होने वाली बातचीत अब कई बार बिना किसी दिशा के लंबे समय तक चलती रहती है. घोस्टिंग, सिचुएशनशिप और कमिटमेंट से बचने की प्रवृत्ति के बीच युवाओं ने एक नया तरीका अपनाना शुरू किया है, जिसे “सनसेट क्लॉज” कहा जा रहा है. यह ट्रेंड खासकर डेटिंग ऐप्स पर मिलने वाले लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

क्या होता है सनसेट क्लॉज?

“सनसेट क्लॉज” शब्द आमतौर पर बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट में इस्तेमाल होता है. इसमें किसी समझौते की एक तय समय सीमा होती है, जिसके बाद वह अपने आप खत्म हो जाता है. अब यही सोच डेटिंग में भी अपनाई जा रही है. जब दो लोग डेटिंग शुरू करते हैं, तो वे पहले ही तय कर लेते हैं कि उनका रिश्ता कितने समय तक चलेगा, जैसे छह महीने या एक साल. 

इस दौरान वे एक-दूसरे को समझते हैं, साथ समय बिताते हैं और यह देखते हैं कि क्या वे भविष्य में भी साथ रहना चाहते हैं. अगर तय समय तक रिश्ता आगे बढ़ता हुआ नहीं दिखता या दोनों में से कोई गंभीर नहीं होता, तो वे शांति से अलग होने का फैसला लेते हैं.

क्यों बढ़ रही है इसकी लोकप्रियता?

आज की पीढ़ी अपने समय और भावनाओं को लेकर पहले से ज्यादा सजग है. वे बिना स्पष्ट दिशा के लंबे समय तक रिश्ते में रहना नहीं चाहते. सनसेट क्लॉज उन्हें यह भरोसा देता है कि रिश्ता अनिश्चित काल तक नहीं चलेगा. एक समय सीमा होने से दोनों को पता रहता है कि कब और कैसे फैसला लेना है.

समय और ऊर्जा की बचत

कई बार लोग सालों तक ऐसे रिश्तों में उलझे रहते हैं जिनका कोई भविष्य नहीं होता. इससे समय के साथ भावनात्मक थकान भी बढ़ती है. तय समय सीमा होने से यह साफ रहता है कि रिश्ता आगे बढ़ेगा या खत्म होगा. इससे अनावश्यक उलझनों से बचाव होता है.

भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद

जब किसी रिश्ते का अंत अचानक होता है, तो वह गहरा असर छोड़ सकता है. लेकिन अगर पहले से शर्तें साफ हों, तो अलग होना झटका नहीं बनता. दोनों पक्ष मानसिक रूप से तैयार रहते हैं कि अगर बात आगे नहीं बढ़ी तो अलग होना भी एक विकल्प है. इससे ब्रेकअप कम तनावपूर्ण होता है.

सिचुएशनशिप से बाहर निकलने का तरीका

आजकल “सिचुएशनशिप” यानी बिना नाम और बिना प्रतिबद्धता वाले रिश्ते आम हो गए हैं. सनसेट क्लॉज इस अनिश्चित स्थिति को खत्म करने में मदद करता है. यह दोनों को स्पष्ट निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता है- या तो रिश्ते को आगे बढ़ाएं या सम्मानपूर्वक अलग हो जाएं.

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