400 रुपये में गुजारा करते हैं प्रेमानंद महाराज, फिर आश्रम में कहां से आता है इतना धन?
वृंदावन के प्रसिद्ध संत और विराट कोहली के आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन और प्रवचन सुनने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु जुटते हैं. मथुरा स्थित उनके आश्रम में मुफ्त भोजन और धार्मिक गतिविधियां नियमित होती हैं, जिनका खर्च भक्तों द्वारा दिए गए दान और आयोजनों से चलता है.

वृंदावन के प्रसिद्ध संत और विराट कोहली के आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज जी को देखने और उनके प्रवचन सुनने के लिए हर दिन हजारों की संख्या में लोग उमड़ते हैं. सोशल मीडिया पर उनके प्रवचनों के वीडियो लाखों बार देखे जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतने बड़े संत, जिनकी ख्याति देश-विदेश तक फैली हुई है, उनकी खुद की संपत्ति कितनी है?
जहां आम लोग उनकी आध्यात्मिक ताकत से प्रेरित होते हैं, वहीं कई लोग यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी आर्थिक रूप से कितने संपन्न हैं. क्या उनके पास करोड़ों की संपत्ति है या वे वास्तव में साधु-संतों की तरह ‘निर्मोही’ जीवन जीते हैं? आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से.
मथुरा में है आश्रम, हर दिन उमड़ती है भीड़
प्रेमानंद महाराज जी का आश्रम उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित है. यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं. भक्तों के लिए मुफ्त भोजन व्यवस्था, धर्म-कथाएं और सामाजिक कार्य यहां नियमित रूप से होते हैं. आश्रम की व्यवस्थाएं देखने से साफ होता है कि यहां बड़े पैमाने पर धन का उपयोग होता है.
कहां से आता है इतना पैसा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आश्रम में जितनी बड़ी मात्रा में धन खर्च होता है, उसका मुख्य स्रोत दान है. देश-विदेश में बसे भक्त प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम को नियमित रूप से दान देते हैं. इसके अलावा, महाराज जी के प्रवचन, आयोजन और धार्मिक कार्यक्रम भी आश्रम की आय के स्त्रोत हैं.
खुद को बताते हैं ‘निर्मोही’
हालांकि प्रेमानंद महाराज जी खुद को पूरी तरह से 'निर्मोही' बताते हैं. वे कहते हैं, "मैं रोजाना 400 से 500 रुपये का ही भोजन करता हूं, और मेरे पास एक रुपया भी नहीं होता है." इस कथन से यह स्पष्ट होता है कि वे व्यक्तिगत रूप से किसी भी भौतिक संपत्ति से जुड़ाव नहीं रखते.
क्या है उनकी कुल संपत्ति?
प्रेमानंद महाराज जी की कुल संपत्ति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन आश्रम की भव्यता और लाखों भक्तों की उपस्थिति से यह अंदाज़ा जरूर लगाया जा सकता है कि संस्था के पास अच्छा-खासा आर्थिक सहयोग है. हालांकि यह धन सीधे महाराज जी के पास नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक कार्यों में लगाया जाता है.
विदेशों में भी है बड़ी संख्या में भक्त
प्रेमानंद महाराज जी के प्रवचन भारत में ही नहीं, विदेशों में भी प्रसारित होते हैं. सोशल मीडिया पर उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं, जो नियमित रूप से उनके विचारों को सुनते और शेयर करते हैं. यही उनकी लोकप्रियता और पहुंच का सबसे बड़ा प्रमाण है.


