नया साल 2026 का दूसरा दिन: शुक्रवार के शुभ-अशुभ मुहूर्त, जानें कब है सबसे अच्छा समय

हिंदू पंचांग के अनुसार हर दिन की पूजा-पाठ, व्रत और शुभ कार्यों के लिए खास-खास मुहूर्त निकाले जाते हैं. और आज साल 2026 का दूसरा दिन यानी 2 जनवरी है, जो पहला शुक्रवार भी है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: साल 2026 का दूसरा दिन आज शुक्रवार, 2 जनवरी को धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है. नए साल की शुरुआत के साथ जहां लोगों में सकारात्मक ऊर्जा देखी जा रही है, वहीं आज का दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण संयोग लेकर आया है. शुक्रवार का दिन विशेष रूप से मां लक्ष्मी को समर्पित होता है, ऐसे में धन, समृद्धि और सौभाग्य की कामना के लिए आज विधि-विधान से पूजा करना लाभकारी माना गया है.

पंडित ऋभुकांत गोस्वामी के अनुसार, आज के पंचांग में कई शुभ योग और मुहूर्त बन रहे हैं, जबकि कुछ समय ऐसे भी हैं जिनमें शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है. ऐसे में दिन की शुरुआत से पहले पंचांग की जानकारी होना जरूरी है, ताकि पूजा-पाठ और अन्य कार्य सही समय पर किए जा सकें.

2 जनवरी 2026 का पंचांग विवरण

पंचांग के अनुसार आज शक संवत 1947, पौष मास (सौर) और विक्रमी संवत में पौष शुक्ल चतुर्दशी तिथि है, जो सायं 06:54 बजे तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा तिथि आरंभ होगी. मृगशीर्ष नक्षत्र रात्रि 08:04 बजे तक रहेगा. चंद्रमा प्रातः 09:26 बजे तक वृष राशि में और उसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेगा. सूर्य दक्षिणायन और दक्षिण गोल में स्थित है तथा ऋतु हेमंत है.

आज के व्रत और विशेष योग

आज ईशान व्रत और श्री सत्यनारायण व्रत का संयोग बन रहा है. शुक्रवार होने के कारण मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है. माना जाता है कि आज श्रद्धा से की गई पूजा से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है.

आज के शुभ मुहूर्त

  • आज के दिन कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं.

  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:25 से 06:20 बजे

  • अभिजित मुहूर्त: 12:04 से 12:46 बजे

  • विजय मुहूर्त: 02:09 से 02:50 बजे

  • गोधूलि मुहूर्त: 05:33 से 06:01 बजे

  • अमृत काल: 12:16 से 01:41 बजे

  • रवि योग: 07:14 से 08:04 बजे

  • इन समयों में पूजा, दान और शुभ कार्य करना विशेष फलदायी माना गया है.

आज के अशुभ मुहूर्त

  • आज कुछ समय ऐसे भी हैं, जिनमें शुभ कार्यों से बचना चाहिए.

  • राहुकाल: 11:07 से 12:25 बजे

  • यमगंड: 03:01 से 04:18 बजे

  • दुर्मुहूर्त: 09:19 से 10:00 बजे और 12:46 से 01:27 बजे

  • भद्रा: सायं 06:53 बजे से 03 जनवरी सुबह 05:11 बजे तक

  • इन अवधियों में नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है.

Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.

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