Team India के सपोर्ट स्टाफ से एक और सहयोगी की छुट्टी, रवि शास्त्री और द्रविड़ की कोचिंग में कर चुका है काम
बीसीसीआई ने इंग्लैंड दौरे के बाद टीम इंडिया के मसाजर राजीव कुमार की छुट्टी कर दी है. लगभग एक दशक तक खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी में अहम योगदान देने वाले राजीव का सफर खत्म यहीं खत्म हो गया.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंग्लैंड दौरे के बाद टीम इंडिया के मसाजर राजीव कुमार की सेवाएं समाप्त कर दीं. लगभग दस वर्षों तक खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी का अहम हिस्सा रहे राजीव, सहयोगी स्टाफ के भरोसेमंद सदस्य माने जाते थे. वे न केवल मैच के दौरान, बल्कि प्रैक्टिस सेशन और ऑफ सीजन में भी खिलाड़ियों के साथ लगातार जुड़े रहे.
एक दशक का योगदान
आपको बता दें कि राजीव कुमार 2016 में राष्ट्रीय टीम से जुड़े थे. उस समय बीसीसीआई ने लोकप्रिय मालिशिये रमेश माने को हटाकर उन्हें मौका दिया था. रमेश माने को खिलाड़ी माने काका के नाम से भी जानते थे. इसके बाद से राजीव लगातार टीम इंडिया के साथ रहे. इस दौरान वे पहले रवि शास्त्री और फिर राहुल द्रविड़ की कोचिंग टीम का हिस्सा बने. अपने कार्यकाल को याद करते हुए राजीव ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “एक दशक (2016-2025) तक भारतीय क्रिकेट टीम की सेवा करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है. इस अवसर के लिए मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं और अब आगे बढ़ने को लेकर उत्साहित हूं.”
सहयोगी स्टाफ में लगातार बदलाव
बीसीसीआई समय-समय पर सहयोगी स्टाफ में परिवर्तन करता रहा है. राजीव का हटना इस कड़ी की एक और कड़ी है. इससे पहले अभिषेक नायर को सहायक कोच की भूमिका से हटाया गया था, जबकि स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच सोहम देसाई की जगह एड्रियन ले रॉक्स को शामिल किया गया था. ऐसे बदलाव बोर्ड की उस रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके जरिए वह खिलाड़ियों को बेहतर सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराना चाहता है.
खिलाड़ियों के बीच लोकप्रियता
राजीव का खिलाड़ियों के साथ रिश्ता केवल पेशेवर तक सीमित नहीं था. वे ड्रेसिंग रूम में एक भरोसेमंद और पॉजिटिव माहौल बनाने में मदद करते थे. लंबे दौरे और थकाऊ मैचों के बीच उनका सहयोग खिलाड़ियों के लिए अमूल्य रहा. यही कारण है कि टीम इंडिया के कई खिलाड़ी उन्हें परिवार का हिस्सा मानते थे.
अब एशिया कप पर नजर
टीम इंडिया अब नए सहयोगी स्टाफ के साथ अगले बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करेगी. भारत 4 सितंबर को दुबई रवाना होगा, जहां 10 सितंबर से एशिया कप का आगाज होगा. सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला मेज़बान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खिलाफ खेलेगी. भारत को ग्रुप ए में रखा गया है, जिसमें यूएई के अलावा पाकिस्तान और पहली बार खेलने आ रहा ओमान भी शामिल है. यह टूर्नामेंट भारत के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के बाद यह पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय आयोजन होगा.


