हवा में इंजन फेल, प्रयागराज में तालाब में गिरा ट्रेनी विमान, दोनों क्रू मेंबर सुरक्षित

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी के कारण भारतीय वायु सेना का एक ट्रेनी माइक्रोलाइट विमान शहर के बीच में एक तालाब में गिर गया.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनी माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार होकर शहर के बीचों-बीच एक तालाब में जा गिरा. यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुआ, जहां अचानक तेज आवाज के साथ विमान नीचे गिर पड़ा.

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई. राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और उन्हें किसी गंभीर चोट की खबर नहीं है. हादसे के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है.

रूटीन ट्रेनिंग उड़ान के दौरान हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था. उड़ान के दौरान अचानक इंजन में खराबी आ गई, जिसके बाद पायलट विमान पर नियंत्रण नहीं रख सके और उसे तालाब में क्रैश लैंडिंग करनी पड़ी. विमान काफी देर तक हवा में चक्कर लगाता रहा, फिर नीचे आकर जलाशय में गिर गया.

रेस्क्यू ऑपरेशन, इलाके की घेराबंदी

हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. तालाब के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया. विमान को पानी से बाहर निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि तकनीकी जांच की जा सके.

चश्मदीदों ने सुनाई आपबीती

घटना के प्रत्यक्षदर्शी पदम सिंह ने बताया,"हम लोग स्कूल कैंपस में थे, तभी रॉकेट जैसी आवाज आई. आवाज सुनकर दौड़कर पहुंचे तो देखा कि कुछ लोग दलदल में फंसे थे. हम लोग तालाब में कूद गए और 3 लोगों को बाहर निकाला."
हालांकि वायुसेना के अनुसार विमान में दो ही क्रू मेंबर सवार थे और दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं.

बमरौली एयरपोर्ट से भरी थी उड़ान

जानकारी के मुताबिक, यह ट्रेनी विमान प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट से उड़ान भरकर निकला था. जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है. बमरौली एयरपोर्ट सेंट्रल एयर कमांड का मुख्यालय भी है, जिससे यह इलाका रणनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है.

जांच के आदेश

भारतीय वायुसेना और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती तौर पर इंजन फेल या तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी. वायुसेना का कहना है कि ट्रेनिंग उड़ानों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है और इस घटना के हर पहलू की गहन जांच की जाएगी.

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