निकाय चुनाव से पहले महायुति की महाराष्ट्र में आंधी, बीजेपी-शिंदे सेना के 24 से अधिक उम्मीदवार निर्विरोध विजयी
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों से पहले महायुति ने कई नगर निगमों में निर्विरोध जीत दर्ज कर मजबूत बढ़त बना ली है. जलगांव, भिवंडी, धुले, पुणे और अहिल्यानगर में सफलता मिली, जबकि सोलापुर में तनाव भी देखा गया.

मुंबईः महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों के लिए अभी मतदान की तारीखें दूर हैं, लेकिन उससे पहले ही सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है. सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने कई नगर निगमों में मतदान से पहले ही बड़ी बढ़त हासिल कर ली है. नामांकन वापसी के दौरान बड़ी संख्या में विपक्षी और निर्दलीय उम्मीदवारों के हटने से महायुति के कई प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं. इस अप्रत्याशित बढ़त ने गठबंधन खेमे में उत्साह भर दिया है, वहीं कुछ जगहों पर तनाव और विवाद की स्थिति भी सामने आई है.
जलगांव में महायुति का दबदबा
जलगांव महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर इतिहास रच दिया है. यहां दोनों दलों के 6-6 प्रत्याशी निर्विरोध जीतकर नगर निगम पहुंच गए हैं. नामांकन वापसी के अंतिम दिन कुल 12 उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचित होना इस बात का संकेत है कि विपक्ष इस मुकाबले में कमजोर नजर आया. कई वार्डों में शिवसेना (ठाकरे गुट), एनसीपी (शरद पवार गुट) और एमएनएस के उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस ले लिए, जिससे महायुति के लिए रास्ता आसान हो गया. जीत की घोषणा के बाद बीजेपी और शिंदे सेना के कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर गुलाल उड़ाकर और आतिशबाजी कर जश्न मनाया.
भिवंडी में बीजेपी को मनोवैज्ञानिक बढ़त
भिवंडी महानगरपालिका चुनाव में भी बीजेपी ने मतदान से पहले ही मजबूत स्थिति बना ली है. यहां अब तक पार्टी के चार उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं. अलग-अलग वार्डों में विरोधी उम्मीदवारों के पीछे हटने से बीजेपी प्रत्याशियों की राह साफ हुई. इस सफलता से उत्साहित कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया. चुनाव से पहले इतनी बड़ी बढ़त को पार्टी रणनीतिक जीत के तौर पर देख रही है.
धुले में बीजेपी का ‘चौका’
धुले महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी ने निर्विरोध जीत का चौका लगा दिया है. यहां चार उम्मीदवार बिना मुकाबले के विजयी घोषित किए गए हैं. मंत्री जयकुमार रावल ने दावा किया कि विपक्षी प्रत्याशी खुद पीछे हटने के लिए संपर्क कर रहे हैं और आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है. इस जीत ने पार्टी के स्थानीय नेताओं का मनोबल काफी बढ़ा दिया है.
पुणे और अहिल्यानगर में भी जीत का आगाज
पुणे महानगरपालिका में बीजेपी ने पहली निर्विरोध जीत दर्ज की है. एक वार्ड में उम्मीदवारों के हटने से बीजेपी प्रत्याशी बिना वोटिंग के ही विजयी हो गईं. वहीं अहिल्यानगर में भी बीजेपी को पहली सफलता मिली है, जहां पार्टी की महिला उम्मीदवार निर्विरोध चुनी गईं. इन जीतों ने यह संकेत दे दिया है कि शहरी क्षेत्रों में महायुति की पकड़ मजबूत होती जा रही है.
जलगांव में भावुक दृश्य
हालांकि जश्न के बीच कुछ भावुक और मानवीय पल भी देखने को मिले. जलगांव में एक निर्दलीय उम्मीदवार और उनके परिवार ने नामांकन वापस लेते समय भावुक होकर आंसू बहाए. बताया गया कि पार्टी नेताओं के आश्वासन के बाद उन्होंने पर्चा वापस लिया. इस दृश्य ने राजनीतिक दबाव और भावनात्मक पहलू को भी उजागर किया.
सोलापुर में टकराव
जहां एक ओर कई शहरों में निर्विरोध जीत का माहौल रहा, वहीं सोलापुर में नामांकन वापसी के दौरान तनाव देखने को मिला. बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसे पुलिस को संभालना पड़ा. इस घटना ने यह भी दिखाया कि गठबंधन के भीतर और बाहर प्रतिस्पर्धा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
चुनाव से पहले मजबूत संदेश
मतदान से पहले ही मिली इन जीतों ने महाराष्ट्र की नगर राजनीति में महायुति को स्पष्ट बढ़त दिला दी है. हालांकि कुछ जगहों पर विवाद सामने आए हैं, लेकिन निर्विरोध जीतों की संख्या ने विपक्ष के लिए चिंता बढ़ा दी है. आने वाले दिनों में यह रुझान चुनावी नतीजों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.


