पंजाब में खत्म हुआ डर और धांधली का दौर, गैंगस्टरों पर चलेगी ‘आप’ की बड़ी कार्रवाई

आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने दावा किया कि पंजाब अब डर, धांधली और गुंडागर्दी की राजनीति से बाहर निकल चुका है और पंचायत चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ हुए.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नव-निर्वाचित जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों से मुलाकात कर पंजाब की राजनीति में आए बड़े बदलाव का दावा किया. इस दौरान दोनों नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य अब डर, गुंडागर्दी और चुनावी धांधली के पुराने दौर को पीछे छोड़ चुका है. 

पंचायत चुनावों पर क्या बोले केजरीवाल?

उन्होंने यह भी ऐलान किया कि नशों के खिलाफ जारी अभियान की तरह ही अब पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ भी निर्णायक लड़ाई शुरू की जाएगी. पंचायत चुनावों में आम आदमी पार्टी को 70 प्रतिशत से अधिक सीटों पर मिली जीत को अरविंद केजरीवाल ने साफ-सुथरी राजनीति और ईमानदार शासन के प्रति जनता का भरोसा बताया. उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार स्थानीय निकाय चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुए, जहां किसी भी स्तर पर जबरदस्ती या वोटों में हेरफेर नहीं की गई. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी इस बात पर जोर दिया कि आम आदमी पार्टी की जनहितकारी नीतियों ने पारंपरिक राजनीतिक दलों को अपने एजेंडे पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है.

श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे सभी तथ्यों और सबूतों के साथ अकाल तख्त के समक्ष पेश होंगे. उन्होंने आग्रह किया कि इस पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाए. मान ने कहा कि वे वहां किसी पद पर बैठे व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक साधारण सिख के रूप में उपस्थित होंगे. उन्होंने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च है और वहां से मिलने वाले किसी भी आदेश का वे पूरी निष्ठा से पालन करेंगे.

लुधियाना में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई दी और कहा कि जनता ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने कहा कि आम तौर पर पंचायत चुनावों में सत्ताधारी दल दबाव और धांधली के जरिए जीत दर्ज करता रहा है, लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने चार साल पूरे करने के बाद भी बिना किसी दखल के चुनाव कराए.

केजरीवाल ने कहा कि इस बार के नतीजे इस बात का प्रमाण हैं कि चुनाव निष्पक्ष थे. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सैकड़ों सीटों पर हार-जीत का अंतर सौ से भी कम वोटों का रहा और कई जगह विपक्षी दल एक वोट से भी जीते. उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो प्रशासनिक दबाव बनाकर नतीजे बदलना मुश्किल नहीं था, लेकिन आम आदमी पार्टी सत्ता का दुरुपयोग करने के लिए नहीं, बल्कि राजनीति को साफ करने के लिए बनी है.

पंजाब की पुरानी समस्याओं पर क्या बोले केजरीवाल?

पंजाब की पुरानी समस्याओं का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि नशा और अपराध राज्य में वर्षों से पनपते रहे हैं और इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कई दलों के नेताओं और उनके रिश्तेदारों का नशा तस्करी और आपराधिक गतिविधियों से सीधा संबंध रहा है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने इस व्यवस्था को तोड़ने का फैसला किया और इसके लिए हर तरह की कीमत चुकाने को तैयार रही.

उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय पंजाब की आर्थिक हालत बेहद खराब थी, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन दिया गया और सरकारी खजाने का ईमानदारी से प्रबंधन किया गया. केजरीवाल ने मुफ्त बिजली योजना, पुराने बिजली बिल माफ किए जाने और शून्य बिल आने को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया.

उन्होंने यह भी कहा कि चार साल सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी को 38 प्रतिशत वोट मिले, जो जनता के भरोसे का प्रतीक है. उन्होंने नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर लोगों से जुड़ें और अगले चुनावों में इस वोट प्रतिशत को 45 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखें. उन्होंने अहंकार से बचने की सलाह देते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए जनता से दूरी ही राजनीतिक पतन का कारण बनती है.

केजरीवाल ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी आम लोगों की पार्टी है, जहां बिना राजनीतिक विरासत के लोग भी आगे बढ़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर प्रतिनिधि ईमानदारी से काम करेंगे तो भविष्य में विधायक या मंत्री बनने के अवसर अपने आप मिलेंगे. नशों के खिलाफ चल रहे अभियान पर बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने हजारों मामलों में कार्रवाई की है और सैकड़ों बड़े तस्करों को जेल भेजा गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुरानी पार्टियां दोबारा सत्ता में आईं तो नशे और भ्रष्टाचार का दौर लौट आएगा.

उन्होंने रोजगार, सड़क निर्माण, तीर्थ यात्रा योजनाओं और कानून-व्यवस्था में सुधार को भी सरकार की बड़ी उपलब्धियों के रूप में गिनाया. उन्होंने कहा कि अब नशों के बाद गैंगस्टरों के नेटवर्क को खत्म करना सरकार की अगली प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संबोधन में कहा कि अरविंद केजरीवाल की सोच ने देश की राजनीति की दिशा बदल दी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मुद्दे पहली बार राजनीति के केंद्र में आए हैं. मान ने नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों से कहा कि वे इस जीत को जनता की सेवा में बदलें और भविष्य की राजनीति के लिए खुद को तैयार करें.

मनीष सिसोदिया ने प्रतिनिधियों को दी बधाई 

वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत सरकार की नीतियों में जनता के भरोसे को दर्शाती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विकास के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और सरकार पंचायतों के साथ मिलकर गांवों के समग्र विकास के लिए काम करती रहेगी.

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