Bihar Election 2025 Exit Poll of polls: बिहार चुनाव में एक बार फिर चला नीतीश का करिश्मा, तेजस्वी-राहुल को बड़ा झटका
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एग्जिट पोल्स के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला NDA सत्ता में वापसी कर रहा है. महागठबंधन, जिसमें राजद और कांग्रेस शामिल हैं, पिछड़ता दिखाई दे रहा है.

बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने से पहले ही एग्ज़िट पोल्स ने राज्य की सियासी तस्वीर लगभग साफ कर दी है. Exit Poll of Polls के आंकड़े बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सत्ता में वापसी के क़रीब है. कुल 243 सीटों वाले विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है, जबकि एग्ज़िट पोल्स के औसत के अनुसार NDA 137 से 156 सीटें जीत सकता है. इसके विपरीत महागठबंधन (MGB), जिसमें राजद और कांग्रेस शामिल हैं, पिछड़ता हुआ दिखाई दे रहा है और उसे केवल 80 से 99 सीटें मिलने की संभावना है. शेष 2 से 8 सीटें अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में जा सकती हैं.
| Source | NDA | MGB | OTH |
| JVC's Polls | 135-150 | 88-103 | 3-6 |
| Matrize | 147-167 | 70-90 | 2-10 |
| People's insight | 133-148 | 87-102 | 3-6 |
| People's Pulse | 133-159 | 75-101 | 2-13 |
नीतीश कुमार का करिश्मा
आपको बता दें कि नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता, उनकी सियासी रणनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता ने NDA को बिहार में एक मजबूत बढ़त दिलाई है. जातीय समीकरणों, विकास, स्थिरता और महिला मतदाताओं तथा पहली बार वोट देने वाले युवाओं के समर्थन ने भी NDA के पक्ष में अहम भूमिका निभाई है. इसके साथ ही, सरकारी योजनाओं और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों ने गठबंधन को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में वोट बैंक मजबूत करने में मदद की है.
महागठबंधन की चुनौतियां
महागठबंधन के लिए यह चुनाव अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा. तेजस्वी यादव ने इस बार रोजगार, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया, जबकि राहुल गांधी ने रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की. फिर भी, ग्रामीण इलाकों में राजद का पारंपरिक वोट बैंक कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है. युवाओं और महिलाओं के बड़े हिस्से ने महागठबंधन को प्राथमिकता नहीं दी, जिससे गठबंधन की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी.
एग्जिट पोल्स: अनुमान और वास्तविकता
हालांकि एग्ज़िट पोल्स केवल अनुमान हैं और अंतिम परिणाम 14 नवंबर को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे, लेकिन मौजूदा रुझान NDA की एक बार फिर से सत्ता में वापसी की संभावना को दर्शाते हैं. यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो बिहार में एक बार फिर "नीतीश सरकार" बनती दिखाई दे रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्य की सियासी तस्वीर में स्थिरता और विकास के मुद्दे इस चुनाव में निर्णायक साबित हुए हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एग्ज़िट पोल्स ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जनता ने विकास और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता दी है. NDA की बढ़त, महागठबंधन की कमजोरी और क्षेत्रीय मतों का विभाजन इस चुनाव की मुख्य विशेषताएँ हैं. अब असली परीक्षा 14 नवंबर को मतगणना के बाद होगी, जब यह स्पष्ट होगा कि बिहार में सत्ता किसके हाथों में जाएगी.


