बिहार की सियासत में भूचाल! केसी त्यागी ने JDU को कहा अलविदा, क्या दूसरी पार्टी करेंगे ज्वॉइन?
जेडीयू के वरिष्ठ नेता और लंबे समय तक पार्टी के चेहरे रहे के.सी. त्यागी ने जेडीयू की सदस्यता नवीनीकरण नहीं करने का फैसला कर लिया है. साथ ही उन्होंने 22 मार्च को एक अहम बैठक बुलाई है.

पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और लंबे समय तक पार्टी के चेहरे रहे के.सी. त्यागी ने जेडीयू की सदस्यता नवीनीकरण नहीं करने का फैसला कर लिया है. इससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. त्यागी दशकों से जेडीयू से जुड़े रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने पार्टी से अलग होने का संकेत साफ दे दिया है.
जेडीयू से औपचारिक अलगाव
के.सी. त्यागी ने स्पष्ट किया कि पार्टी का हालिया सदस्यता अभियान खत्म हो चुका है और उन्होंने इसमें शामिल होने से मना कर दिया. जेडीयू के संस्थापक सदस्यों में शुमार त्यागी लंबे समय तक महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसे अहम पदों पर रहे.
उनके इस कदम को बिहार राजनीति का एक युग समाप्त होने जैसा माना जा रहा है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, त्यागी और जेडीयू के बीच संबंध पहले से ही ठंडे पड़ चुके थे, लेकिन अब सदस्यता न लेने के साथ यह अलगाव औपचारिक रूप से सामने आ गया है.
"...The membership campaign of the JD(U) party has ended. This time, I have not renewed the membership in the party. Though my commitment to the larger and wider ideological points concerning the interests of downtrodden, peasants and agriculturalists, including the deprived… pic.twitter.com/VoCLmdbjcG
— ANI (@ANI) March 17, 2026
विचारधारा से नहीं हटे त्यागी
पार्टी छोड़ने के बावजूद के.सी. त्यागी ने अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों, किसानों, खेतिहर मजदूरों और समाज के कमजोर तबकों के हितों की लड़ाई में वे पहले की तरह सक्रिय रहेंगे.
त्यागी भारत रत्न चौधरी चरण सिंह, डॉ. राम मनोहर लोहिया और कर्पूरी ठाकुर जैसे समाजवादी नेताओं के सिद्धांतों को अपना मार्गदर्शक मानते हैं. उन्होंने साफ किया कि यह फैसला किसी विचारधारा से मुंह मोड़ने का नहीं है, बल्कि नई राह तलाशने का है.
नीतीश कुमार के साथ पुरानी दोस्ती बरकरार
के.सी. त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए कहा कि दोनों करीब 50 साल से साथ हैं. राजनीतिक रास्ते भले ही अलग हो गए हो, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान और स्नेह में कोई कमी नहीं आई है.
यह बयान राजनीति में दुर्लभ मिसाल है, जहां दल छोड़ने के बाद भी पुरानी मित्रता और गरिमा बनी रहती है. त्यागी ने नीतीश कुमार को अपना पुराना साथी बताते हुए भावुकता भी जताई.
22 मार्च को दिल्ली में अहम बैठक
अपने भविष्य को लेकर के.सी. त्यागी ने बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने 22 मार्च 2026 को नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में एक बड़ी बैठक बुलाई है. इस बैठक में उनके राजनीतिक मित्र, कार्यकर्ता और समान विचारधारा वाले लोग शामिल होंगे.
बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी. कई नेता इसे त्यागी द्वारा नई पार्टी बनाने या किसी नए राजनीतिक मंच की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं. खासकर उत्तर प्रदेश में सक्रिय होने की भी चर्चा है.


