सीमा पर देशभक्ति और उत्सव का संगम, जवानों ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर फोड़े पटाखे, मोमबत्ती, दीये जलाकर मनाई दिवाली

BSF Diwali Celebration : जैसलमेर में बीएसएफ के जवानों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दिवाली मनाई, पटाखे फोड़कर, मोमबत्तियां जलाकर और रंगोली बनाकर त्योहार की खुशियाँ बांटी. 122 बटालियन के कमांडेंट मुकेश पंवार ने इसे परिवार की तरह मनाने की भावना जताई. ऑपरेशन सिंदूर पर भी उन्होंने जोर दिया. भारतीय सेना ने एलओसी पर दिवाली की प्रार्थना की, जबकि बीएसएफ ने अमृतसर अटारी सीमा पर आतिशबाजी की. जवान अपने परिवार से दूर देश की सुरक्षा करते हुए त्योहार मना रहे हैं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

BSF Diwali Celebration : दिवाली का त्योहार पूरे देश में खुशियों, रोशनी और उमंग के साथ मनाया जाता है. लेकिन इस बार राजस्थान के जैसलमेर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने भी इस पावन अवसर को खास अंदाज में मनाया. जवानों ने पटाखे फोड़कर, मोमबत्तियां और मिट्टी के दीये जलाकर न केवल त्योहार का जश्न मनाया, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए अपने समर्पण का भी परिचय दिया.

परिवार की तरह दिवाली मनाने का संदेश

बीएसएफ की 122 बटालियन के कमांडेंट मुकेश पंवार ने बताया कि वे सीमा पर एक परिवार की तरह दिवाली मना रहे हैं. उन्होंने कहा, "हम अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एक परिवार की तरह बड़े उत्साह के साथ दिवाली मना रहे हैं." यह बयान जवानों के आपसी भाईचारे और देशभक्ति की भावना को दर्शाता है, जो सीमा पर अपने परिवार से दूर रहते हुए भी एकजुट होकर त्योहार का जश्न मनाते हैं.

ऑपरेशन सिंदूर और देश की सुरक्षा
बीएसएफ कमांडेंट मुकेश पंवार ने चल रहे ऑपरेशन सिंदूर पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर 1 अभी भी जारी है और इसका उद्देश्य आतंकवाद की विचारधारा से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना है. पंवार ने स्पष्ट किया कि इन ऑपरेशनों का कोई देश के खिलाफ उद्देश्य नहीं है, बल्कि वे आतंकवाद से लड़ने के लिए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में इस अभियान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया.

सीमा पर दिवाली के खास आयोजन
बीएसएफ के जवानों ने न केवल पटाखे फोड़े, बल्कि रंगोली बनाकर और दीये जलाकर इस अवसर को धूमधाम से मनाया. कमांडेंट ने मुख्यालय से पटाखे और मिठाइयां भेजीं, जिससे जवानों में त्योहार की खुशी दोगुनी हो गई. जवानों ने बताया कि वे ‘एक गोली, एक दुश्मन’ के सिद्धांत के तहत प्रशिक्षित हैं, जिससे उनकी सतर्कता और युद्ध कौशल की जानकारी मिलती है.

भारतीय सेना का नियंत्रण रेखा पर उत्सव
जैसे ही बीएसएफ के जवानों ने अपनी ओर से सीमा पर दिवाली मनाई, वैसे ही भारतीय सेना के जवान भी जम्मू के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पटाखे फोड़कर और मिट्टी के दीये जलाकर इस पर्व को मनाने में शामिल हुए. उन्होंने दिवाली के मौके पर प्रार्थनाएं भी कीं, ताकि देश और उसके नागरिकों की सुरक्षा बनी रहे.

सीमा पर BSF का आतिशबाजी समारोह
पंजाब के अमृतसर में अटारी सीमा पर भी बीएसएफ ने दिवाली के मौके पर आतिशबाजी का आयोजन किया. सीमा पर यह रोशनी और उत्सव यह संदेश देती है कि जवान अपने कर्तव्य के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं, फिर भी वे त्योहार की खुशियां मनाना नहीं भूलते.

सीमा पर दिवाली का विशेष महत्व
बीएसएफ अधिकारी रूबी ने बताया कि सीमा पर दिवाली मनाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के लोग अपने घरों में शांतिपूर्वक यह पर्व मना सकें. जवान भले ही अपने परिवार से दूर हैं, लेकिन बीएसएफ उनके लिए एक परिवार की तरह है. उनकी यह भावना देशभक्ति और सेवा की मिसाल पेश करती है. इस प्रकार, सीमा सुरक्षा बल और भारतीय सेना के जवान अपने त्याग और समर्पण के बीच भी दिवाली के पर्व को धूमधाम से मनाते हैं, जिससे देशवासियों को यह भरोसा मिलता है कि उनकी रक्षा के लिए हर पल सतर्कता और उत्साह दोनों बनाए रखे जा रहे हैं.

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