पंजाब को रंगला पंजाब बनाने में हर पंजाबी योग्यानुसार योगदान दे, ‘‘आप’’ सरकार हर सुविधाएं देंगी- CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के सीमावर्ती अजनाला में डिग्री कॉलेज का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने पुरानी राजनीति पर तीखा हमला बोला और शिक्षा को पंजाब के भविष्य की असली चाबी बताया.

पंजाब : अजनाला में जनसभा को संबोधित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि दशकों तक पंजाब को लूटा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने मिलकर राज्य को खोखला किया. संस्थाएं कमजोर की गईं. युवाओं को रोजगार नहीं मिला. हालात ऐसे बने कि बच्चों को विदेश जाना पड़ा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब जनता अब समझ चुकी है. इसलिए बदलाव की राजनीति जरूरी हो गई है.
क्या शिक्षा से बदलेगा पंजाब का भविष्य?
क्यों अजनाला में कॉलेज को माना गया खास कदम?
अजनाला अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा इलाका है. यहां लंबे समय से उच्च शिक्षा की कमी रही. 15 करोड़ रुपये से डिग्री कॉलेज बनाया जाएगा. यह कॉलेज 15 एकड़ में बनेगा. सीमावर्ती युवाओं को सीधा फायदा मिलेगा. आसपास के 50 गांव इससे जुड़ेंगे. यह फैसला क्षेत्रीय संतुलन की मिसाल माना जा रहा है.
बाबा गमचुक के नाम पर कॉलेज क्यों?
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कॉलेज का नाम बाबा गमचुक जी महाराज के नाम पर होगा. इसे श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है. इससे स्थानीय लोगों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा. शिक्षा को सामाजिक सम्मान मिलेगा. नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ेगी. यह सिर्फ इमारत नहीं बल्कि पहचान बनेगी. यही सोच सरकार आगे बढ़ा रही है.
क्या सरकार और जनता मिलकर रंगला पंजाब बनाएंगे?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर सुविधा देगी. लेकिन जनता की भागीदारी भी जरूरी है. हर पंजाबी को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना होगा. विकास अकेले सरकार नहीं कर सकती. सामूहिक जिम्मेदारी से बदलाव आता है. तभी बच्चों को विदेश नहीं जाना पड़ेगा. यही रंगला पंजाब का सपना है.
विपक्ष पर मान का हमला क्यों तीखा हुआ?
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास कोई एजेंडा नहीं है. वे केवल सत्ता की बारी का इंतजार कर रहे हैं. अंदरूनी कलह उनकी कमजोरी है. जनता के मुद्दों से उनका कोई सरोकार नहीं है. लूट की राजनीति ही उनका इतिहास रहा है. ऐसे नेताओं से सतर्क रहने की जरूरत है. पंजाब अब धोखे में नहीं आएगा.
युवाओं और लड़कियों के लिए कॉलेज क्या बदलेगा?
कॉलेज में कला, विज्ञान, वाणिज्य और कंप्यूटर विज्ञान पढ़ाया जाएगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल शिक्षा भी होगी. इससे आधुनिक स्किल्स मिलेंगी. लड़कियों को घर के पास पढ़ने का मौका मिलेगा. 2000 से ज्यादा छात्रों के दाखिले की उम्मीद है. जमीन दान करने वाले गांव के बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलेगी. मुख्यमंत्री ने इसे भविष्य में निवेश बताया.


