परिवार से प्यार लेकिन जिंदगी से परेशान...नोएडा की आलीशान सोसाइटी में रहने वाले अधिकारी ने की खुदकुशी
नोएडा में इंडियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारी अनिल गर्ग ने पॉश सोसाइटी की 17वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. सुसाइड नोट में उन्होंने जीवन से परेशान होने की बात लिखी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

नोएडाः अक्सर माना जाता है कि सुखी जीवन के लिए एक आलीशान घर, अच्छी नौकरी और प्यार करने वाला परिवार काफी होता है. लेकिन नोएडा से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने इस सोच को झकझोर कर रख दिया है. नोएडा में रहने वाले अनिल गर्ग नाम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आत्महत्या कर ली, जबकि उनके पास जीवन की वो तमाम सुविधाएं थीं, जिनकी लोग ख्वाहिश करते हैं. अपने पीछे छोड़े सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वह अपनी जिंदगी से बेहद परेशान थे.
नोएडा की पॉश सोसाइटी में दर्दनाक घटना
यह घटना नोएडा सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हैमलेट सोसाइटी में हुई, जिसे शहर की सबसे लग्जरी और प्रतिष्ठित रिहायशी कॉलोनियों में गिना जाता है. यहां रहना कई लोगों के लिए स्टेटस सिंबल माना जाता है. इसी सोसाइटी की 17वीं मंजिल से कूदकर अनिल गर्ग ने अपनी जान दे दी. घटना के बाद सोसाइटी में शोक और सन्नाटा पसरा रहा.
उच्च पद, मजबूत करियर, फिर भी खालीपन
अनिल गर्ग कोई आम व्यक्ति नहीं थे. वे देश की महारत्न कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत थे. एक प्रतिष्ठित नौकरी, स्थिर करियर और आर्थिक सुरक्षा के बावजूद वह अंदर ही अंदर किसी गहरी मानसिक परेशानी से जूझ रहे थे. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उनकी परेशानी की असली वजह क्या थी.
परिवार से प्यार
अपने सुसाइड नोट में अनिल गर्ग ने यह भी लिखा कि वह अपने परिवार से बहुत प्रेम करते थे. उनके शब्द इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उनका यह कदम किसी पारिवारिक विवाद का नतीजा नहीं था. यह मामला इस सच्चाई को सामने लाता है कि मानसिक तनाव कई बार बिना बाहरी संकेतों के भीतर ही भीतर इंसान को तोड़ देता है.
मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े करती घटना
यह घटना एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे को उजागर करती है कि मानसिक स्वास्थ्य सिर्फ आर्थिक हालात या सामाजिक रुतबे से जुड़ा नहीं होता. अक्सर सफल और खुश नजर आने वाले लोग भी भीतर से टूटे हुए हो सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव, अवसाद और अकेलापन किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है, चाहे उसकी जिंदगी बाहर से कितनी ही परफेक्ट क्यों न दिखे.
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया. पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. परिजनों और करीबी लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि अनिल गर्ग किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे.
(नोट:- अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)


