नए साल पर योगी सरकार ने IPS अधिकारियों को दिया बड़ा तोहफा, कई अफसरों को प्रोमोशन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के IPS अधिकारियों को नए साल 2026 की सौगात के रूप में शानदार प्रमोशन दिए हैं. इस बार कई मेहनती और योग्य अधिकारियों को बड़ा इमोशनल और प्रोफेशनल तोहफा मिला है.

यूपी: उत्तर प्रदेश में नए साल 2026 की शुरुआत प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव के साथ हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से राज्य के कई IPS अधिकारियों को प्रोमोशन दिया गया है. इस निर्णय के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों को IG, DIG और ADG जैसे उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया. सरकार ने अधिकारियों के प्रमोशन का आदेश जारी कर उन्हें नए जिम्मेदारियां सौंपीं.
प्रमोशन का यह फैसला आजड से प्रभावी होगा और इसमें 2001 बैच के अधिकारियों को IG से ADG बनाया गया है. इस प्रशासनिक तोहफे के साथ राज्य में अफसरशाही में नई ऊर्जा और जिम्मेदारियों का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
ADG बने वरिष्ठ IPS अधिकारी
2001 बैच के IPS अधिकारियों में तरुण गाबा, आशुतोष कुमार और प्रवीण कुमार को ADG बनाया गया है. इनके प्रमोशन से पुलिस विभाग में नेतृत्व स्तर पर अनुभव और दक्षता को मजबूत करने का प्रयास किया गया है.
IG पद पर प्रोमोशन
2008 बैच के IPS अधिकारियों किरण एस आनंद, आनंद कुलकर्णी, एन कोलांची, अमित वर्मा, राजीव मल्होत्रा और डॉक्टर अखिलेश निगम को IG का पद मिला है. इन अधिकारियों को अब प्रदेश में बड़े जिलों और महत्वपूर्ण पुलिस कमान संभालने की जिम्मेदारी दी जाएगी.
DIG पद पर प्रोमोशन
2012 बैच के IPS अधिकारियों विजय ढुल, सुशील घुले, आशीष तिवारी, सचिंद्र पटेल, विपिन टाडा, प्रताप गोपेंद्र यादव, अभिषेक यादव, संकल्प शर्मा, सोमेन वर्मा, यमुना प्रसाद, संतोष कुमार मिश्रा, हेमराज मीणा और राजकरण नैय्यर को DIG पद पर प्रमोट किया गया है. इसके अलावा 2013 बैच के 28 IPS अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड दिया गया है.
3 अधिकारियों को अपर पुलिस महानिदेशक का दर्जा
आईपीएस अधिकारियों तरुण गाबा, अनुरूप कुमार और प्रवीण कुमार (2001 बैच) को अपर पुलिस महानिदेशक का पद मिला है. वेतनमान पे-मैट्रिक्स लेवल-15 (₹1,82,200 से ₹2,24,100) तय किया गया है. राज्यपाल द्वारा स्वीकृति प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों के तैनाती आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे.
प्रशासनिक फेरबदल से बढ़े कयास
योगी सरकार के इस फैसले को नए साल का तोहफा माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रशासनिक बदलाव के बाद आईएएस अधिकारियों में भी जल्द ही बड़े फेरबदल की संभावना है. यह कदम राज्य प्रशासन में जिम्मेदारी और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.


