पटना NEET छात्रा मौत मामला: कपड़ों से मिले ह्यूमन स्पर्म, DNA जांच से खुलेगा सच
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से मानव शुक्राणु मिलने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद अब DNA जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है.

पटना: पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच के दौरान बड़ा और गंभीर खुलासा हुआ है. पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि छात्रा के कपड़ों से मानव शुक्राणु (Human Sperm) के साक्ष्य मिले हैं, जिसके बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है.
इस नए फॉरेंसिक सबूत के सामने आने के बाद पुलिस अब DNA जांच के जरिए सच्चाई तक पहुंचने की तैयारी में है. वहीं, शुरुआती जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में पटना पुलिस के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.
FSL जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस के अनुसार, मृत छात्रा के परिजनों ने 10 जनवरी 2026 को उसके कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे थे. इन कपड़ों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया था. एफएसएल की जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि घटना के समय पहने गए कपड़ों से मानव शुक्राणु के अवशेष मिले हैं.
अब एफएसएल इन नमूनों की डीएनए प्रोफाइल तैयार कर रही है. पुलिस का कहना है कि तैयार डीएनए प्रोफाइल का मिलान पहले से गिरफ्तार आरोपी और विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्ध लोगों के डीएनए से किया जाएगा, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके.
DNA मिलान से आरोपी की पहचान की तैयारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, डीएनए प्रोफाइलिंग इस केस में निर्णायक साबित हो सकती है. जैसे ही डीएनए रिपोर्ट पूरी होगी, उसे आरोपी और अन्य संदिग्धों के सैंपल से मिलाया जाएगा. इससे यह साफ हो सकेगा कि घटना के समय छात्रा के संपर्क में कौन-कौन लोग थे.
पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज
एफएसएल रिपोर्ट सामने आने के बाद पटना पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है. जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में चित्रगुप्त नगर थाने की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के अवर निरीक्षक हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
पटना एसएसपी कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने सूचना जुटाने और समय पर आवश्यक कार्रवाई करने में गंभीर चूक की, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है.
क्या था पूरा मामला
जनवरी 2026 में पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. छात्रा चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में रहती थी. उसकी मौत के बाद परिजनों ने इसे सामान्य मृत्यु मानने से इनकार करते हुए गंभीर आरोप लगाए थे.
परिजनों का कहना था कि छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. इसी क्रम में परिजनों ने 10 जनवरी 2026 को पुलिस को छात्रा के कुछ कपड़े सौंपे थे, जिनके बारे में दावा किया गया था कि छात्रा ने घटना के समय वही कपड़े पहने थे.
FSL रिपोर्ट के बाद जांच और सख्त
FSL की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है. रिपोर्ट में मानव स्पर्म मिलने की पुष्टि के बाद अब जांच का केंद्र DNA विश्लेषण बन गया है. साथ ही, शुरुआती स्तर पर हुई लापरवाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई DNA रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी.


