उदयपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, यात्रियों से भरी जीप खाई में जा गिरी, 27 लोग थे सवार...3 की मौके पर मौत, कई घायल

राजस्थान के उदयपुर जिले में आदिवासी बहुल कोटड़ा क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. एक जीप जिसमें 27 लोग सवार थे वह अचानक से बेकाबू हो गई और 60 फीट गहरी खाई में जा गिरी. इस हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हो गए है. सभी घायलों को उदयपुर अस्पताल में रेफर किया गया है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

राजस्थान : उदयपुर जिले के आदिवासी बहुल कोटड़ा क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. यात्रियों से खचाखच भरी एक जीप अनियंत्रित होकर लगभग 60 फीट गहरी खाई में जा गिरी. इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

चढ़ाई के दौरान फेल हुए ब्रेक

आपको बता दें कि यह दुर्घटना कोटड़ा थाना क्षेत्र के डिंगावरी गांव के पास दोपहर करीब साढ़े बारह बजे हुई. जानकारी के अनुसार, जीप बिलवन गांव से कोटड़ा की ओर जा रही थी. पहाड़ी रास्ते पर चढ़ाई के दौरान अचानक वाहन के ब्रेक काम करना बंद कर गए. चालक ने जीप को संभालने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक सवारियों के कारण वाहन पर नियंत्रण नहीं रखा जा सका और जीप फिसलकर गहरी खाई में गिर गई.

ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव कार्य
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे. उन्होंने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को खाई से बाहर निकालने में मदद की. इसके साथ ही पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी गई. थोड़ी ही देर में कोटड़ा थाना पुलिस और 108 एम्बुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गई.

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
सभी घायलों को पहले कोटड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर कर दिया गया. अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गमगीन हो गया.

मृतकों की पहचान और पोस्टमार्टम प्रक्रिया
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कालू (25) पुत्र नरसा गरासिया, रेशमी (35) पत्नी वख्ता गरासिया और सुरेश (8) पुत्र रोशन गरासिया के रूप में हुई है. तीनों के शवों को कोटड़ा अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है. पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है.

एक ही गांव के अधिकतर लोग थे सवार
बताया जा रहा है कि मृतक और घायल अधिकांश लोग मांडवा थाना क्षेत्र के मालदर गांव के निवासी हैं. हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.

दुर्गम इलाके में ओवरलोडिंग बनी बड़ी समस्या
कोटड़ा क्षेत्र को राजस्थान का दुर्गम और आदिवासी इलाका माना जाता है, जहां सार्वजनिक परिवहन के साधन बेहद सीमित हैं. मजबूरी में लोग निजी जीपों पर निर्भर रहते हैं. क्षेत्र में बड़ी संख्या में जीपें संचालित होती हैं, जिनमें अक्सर क्षमता से कहीं अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं. हादसे का शिकार हुई जीप में भी तय सीमा से ज्यादा 27 यात्री सवार थे.

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग के कारण इस क्षेत्र में सड़क हादसे आम हो चुके हैं, लेकिन परिवहन विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती. इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.

जांच में जुटी पुलिस, सहायता प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होना और ओवरलोडिंग हादसे के मुख्य कारण माने जा रहे हैं. वहीं प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज की व्यवस्था और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

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