मुंह में ठूंसा पत्थर, होठों पर लगाया ग्लू...राजस्थान में 15 दिन के बच्चे के साथ दंरिंदगी की हदें पार

Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा में 15 दिन के नवजात शिशु को जंगल में लावारिस हालत में पाया गया, मुंह में पत्थर और चिपकने वाली वस्तु थी. बच्चा सुरक्षित अस्पताल में है. देश में बच्चों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है; भदोही में 10 महीने की बच्ची की हत्या और झारखंड में नवजात को नाले से बचाया गया.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के जंगल में मंगलवार को एक 15 दिन के नवजात शिशु को लावारिस हालत में पाया गया. स्थानीय पुलिस ने बताया कि बच्चे के मुंह को इस तरह से बंद किया गया था कि उसकी चीखें किसी को सुनाई न दें.

पत्थरों के ढेर में पड़ा था नवजात

यह बच्चा मंडलगढ़ के सीता का कुंड मंदिर के पास एक मवेशी चराने वाले को मिला. चरवाहे ने देखा कि नवजात शिशु पत्थरों के ढेर के पास पड़ा था. बच्चे के मुंह में एक पत्थर ठूंसा गया था और उसे चिपकने वाली किसी वस्तु से बंद कर दिया गया था. चरवाहे ने तुरंत आस-पड़ोस में शोर मचाया. स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बच्चे को पत्थर और चिपकने वाली वस्तु से मुक्त कराया. इसके बाद बच्चे को तुरंत बिजोलिया के सरकारी अस्पताल ले जाया गया.

बच्चे की स्थिति

पुलिस के अनुसार, नवजात शिशु की उम्र लगभग 15 से 20 दिन के बीच है. डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे के मुंह और जांघ पर चिपकने के निशान मौजूद थे. फिलहाल वह चिकित्सकीय देखभाल में सुरक्षित है और इलाज जारी है.

भारत में बच्चों के खिलाफ बढ़ती घटनाएं

हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में बच्चों के खिलाफ ऐसी ही कई घटनाएं सामने आई हैं. उत्तर प्रदेश के भदोही में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के पास एक सुनसान कमरे में 10 महीने की बच्ची का शव मिला था. यह मामला 20 सितंबर की रात का है, जब राजापुर गांव में सड़क से लगभग 200 मीटर दूर एक बिना दरवाजे वाले कमरे से बच्ची का शव बरामद हुआ.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची की हत्या गला दबाकर की गई थी. पुलिस ने बताया कि शव पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए. मृतक बच्ची ने ऐसे कपड़े पहने हुए थे, जो बताता है कि वह किसी संपन्न परिवार की थी. शव के पास एक सफेद तौलिया भी मिला.

झारखंड में नवजात शिशु को बचाया

ऐसा ही एक और मामला 6 सितंबर को झारखंड के जामताड़ा जिले में नवजात शिशु को नाले में फेंक दिया गया था, जिसे बचा लिया गया. यह घटना मिहिजाम इलाके में हुई. बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने बताया कि बच्चे के हाथ में फ्रैक्चर था और उसे बेहतर इलाज की आवश्यकता थी. इसके चलते बच्चे को धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमसीएच) में रेफर किया गया.

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