निठारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को किया बरी, 13 साल बाद मिली आजादी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निठारी कांड के आखिरी मामले में सुरेंद्र कोली को सभी आरोपों से बरी कर दिया. 2005-06 में नोएडा के इस भयावह हत्याकांड में से एक था जो पूरे देश को हिला दिया था.

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निठारी हत्याकांड से जुड़े अंतिम मामले में आरोपी सुरेंद्र कोली की सजा को रद्द करते हुए उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया. 2005-2006 में नोएडा के निठारी गांव में हुए इन हत्याकांडों ने पूरे देश को झकझोर दिया था और यह मामला वर्षों तक मीडिया की सुर्खियों में बना रहा. अदालत के आदेश के बाद कोली अब जेल से रिहा किया जाएगा. मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने अपने आदेश में कहा याचिकाकर्ता को सभी आरोपों से मुक्त किया जाता है. उसे तुरंत रिहा किया जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा 2011 का फैसला
यह फैसला उस क्यूरेटिव याचिका पर आया, जो कोली ने सुप्रीम कोर्ट के 2011 के निर्णय के खिलाफ दायर की थी. उस समय शीर्ष अदालत ने 15 वर्षीय लड़की की हत्या के मामले में उसकी सजा को बरकरार रखा था. हालांकि, हाल ही में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोली की सजा सिर्फ एक बयान और रसोई के चाकू की बरामदगी के आधार पर दी गई थी, जो सजा कायम रखने के लिए पर्याप्त नहीं था.
12 मामलों में पहले ही हो चुकी है बरी
यह कोली के खिलाफ दर्ज 13वां मामला था. वह इससे पहले 12 मामलों में बरी हो चुका है. इस अंतिम मामले में भी राहत मिलने के बाद अब कोली पूरी तरह से आज़ाद व्यक्ति बन जाएगा.
क्या था निठारी कांड
निठारी हत्याकांड देश के सबसे भयावह अपराधों में से एक माना जाता है. दिसंबर 2006 में नोएडा के निठारी गांव में व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंधेर के घर के पीछे नाले से कई बच्चों के कंकाल और अवशेष बरामद हुए थे. जांच के बाद पंधेर और उसका घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली दोनों को गिरफ्तार किया गया था.
फिल्म में निठारी की कहानी
यह कांड 2024 में आई हिंदी फिल्म ‘सेक्टर 36’ (Sector 36) का भी आधार बना, जिसने निठारी की भयावह सच्चाई को पर्दे पर उतारा था. उस समय यह मामला पूरे देश में जन आक्रोश और मीडिया जांच का केंद्र बन गया था.


