अशोक महतो, अनंत सिंह और...बिहार विधानसभा में किन-किन बाहुबली फैमिली ने दर्ज की जीत? देखें पूरी लिस्ट
बिहार चुनाव में बाहुबली नेताओं और उनके परिजनों ने एक बार फिर प्रमुख भूमिका निभाई. अनंत सिंह ने जेल से लड़कर लगातार छठी जीत हासिल की, जबकि कई अन्य बाहुबली परिवारों के उम्मीदवारों ने भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की. कुछ प्रभावशाली नामों को भारी हार का सामना करना पड़ा.

बिहार : चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के एक समर्थक की हत्या के मामले में गिरफ्तारी के लगभग पंद्रह दिन बाद भी जेडीयू के बाहुबली नेता अनंत सिंह ने मोकामा सीट पर अपना दबदबा कायम रखा. जेल में रहते हुए यह उनकी लगातार तीसरी और कुल मिलाकर छठी जीत है. स्थानीय लोगों के बीच “छोटे सरकार” के नाम से लोकप्रिय अनंत सिंह ने आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी को 28 हजार से अधिक वोटों से मात दी.
अन्य बाहुबली उम्मीदवारों दर्ज की जीत
अशोक महतो की पत्नी ने BJP उम्मीदवार को हराया
बनियापुर से भाजपा के केदारनाथ सिंह, जो जेल में बंद प्रभुनाथ सिंह के भाई हैं, ने 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. नवीनगर में आनंद मोहन के पुत्र चेतन आनंद ने बेहद करीबी मुकाबले में मात्र 112 वोटों से जीत पाई. वारसलीगंज में आरजेडी उम्मीदवार और कुख्यात अपराधी अशोक महतो की पत्नी अनिता ने भाजपा की अरुणा देवी को 7,500 से अधिक वोटों के अंतर से हराया.
इन बाहुबली नेताओं को मिली करारी हार
कई बाहुबली परिवारों के उम्मीदवारों को इस चुनाव में निराशा भी हाथ लगी. दानापुर सीट पर आरजेडी के रीत लाल रॉय को भाजपा के रामकृपाल यादव के हाथों करीब 29 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा. बाढ़ विधानसभा में आरजेडी के कर्णवीर सिंह यादव लगभग 25 हजार वोटों से पराजित हुए.
32 हजार वोटों की अंतर से हारी शिवानी शुक्ला
ब्रहमपुर से एलजेपी (RV) उम्मीदवार और सुनील पांडे के भाई हुलास पांडे को आरजेडी उम्मीदवार ने 3,200 वोटों से हरा दिया. सबसे बड़ी हार रूपौली में देखने को मिली जहाँ आरजेडी प्रत्याशी और अपराधी अवधेश मंडल की पत्नी बिमला भारती 73 हजार से अधिक वोटों से पराजित हुईं. लालगंज में मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला भी लगभग 32 हजार वोटों के भारी अंतर से पीछे रह गईं.


