दिल्ली EV पॉलिसी 2.0: पुरानी कार को EV बनाइए, सरकार देगी ₹50,000
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वालों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है. EV पॉलिसी 2.0 के तहत सरकार अब नई EV खरीदने के साथ-साथ पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में बदलने पर भी सब्सिडी देने जा रही है.

नई दिल्ली: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने या अपनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली सरकार जल्द ही EV पॉलिसी 2.0 लाने जा रही है, जिसमें नई EV खरीदने के साथ-साथ पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में बदलने पर भी आर्थिक मदद देने का प्रस्ताव है.
सरकार का लक्ष्य है कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2025-26 तक कम से कम 3 फीसदी वाहनों को रेट्रोफिट कर क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ाया जाए. इसी दिशा में EV पॉलिसी 2.0 के तहत कई तरह की सब्सिडी और इंसेंटिव की तैयारी की गई है.
पुरानी कार को EV में बदलने पर कैसे बचेंगे ₹50,000?
EV पॉलिसी 2.0 में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने (Retrofitting) पर 50 हजार रुपये से ज्यादा का इंसेंटिव देने का प्रस्ताव है. आमतौर पर किसी पुरानी कार को इलेक्ट्रिक में बदलने पर करीब 2 से 3 लाख रुपये का खर्च आता है, लेकिन सरकार की इस मदद से सीधे तौर पर 50,000 रुपये तक की बचत हो सकेगी.
पॉलिसी के तहत शुरुआती 1,000 कारों को रेट्रोफिटिंग के लिए इंसेंटिव दिए जाने का प्रस्ताव है. माना जा रहा है कि यह योजना रेट्रोफिटिंग से जुड़ी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में सरकार के निवेश का हिस्सा हो सकती है.
इलेक्ट्रिक बाइक पर भी मिलेगी सब्सिडी
चार पहिया वाहनों के साथ-साथ सरकार दो पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा देने की तैयारी में है. EV पॉलिसी 2.0 के तहत शुरुआती 1 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर 30,000 रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने की संभावना है.
स्टेकहोल्डर्स के साथ हुई बैठकों में भी इस तरह के संकेत मिले हैं. दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह EV पॉलिसी को लेकर कई बैठकें कर चुके हैं और बताया जा रहा है कि जल्द ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी इस पॉलिसी की समीक्षा करेंगी.
EV खरीदने के लिए लोन लेने पर भी मिल सकती है राहत
इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री को बढ़ाने के लिए सरकार ऑटो लोन लेने वाले खरीदारों को भी राहत दे सकती है. प्रस्ताव के मुताबिक, जो लोग लोन के जरिए EV खरीदेंगे, उन्हें 5 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिल सकती है.
चूंकि इलेक्ट्रिक कारें अभी भी पारंपरिक गाड़ियों के मुकाबले महंगी हैं, ऐसे में लोन पर मिलने वाली यह सब्सिडी आम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है. EV मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने भी सरकार को ऐसा सुझाव दिया था.
सब्सिडी की सीमा और शर्तें क्या होंगी?
सरकार का फोकस मिडिल क्लास परिवारों को राहत देने पर है. इसी वजह से सब्सिडी को लेकर कुछ शर्तें भी तय की जा सकती हैं. जानकारी के मुताबिक, 25 लाख रुपये से कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर ही सब्सिडी मिलने की संभावना है, जिसकी अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये तक हो सकती है.
25 लाख रुपये से महंगी, लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों पर सब्सिडी नहीं दिए जाने की बात कही जा रही है. इसके अलावा शुरुआती 25,000 इलेक्ट्रिक कारों को ही इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है.


