AI की दौड़ में US-चीन से टक्कर की तैयारी में भारत...देश की पहली AI डेटा सिटी बनेगा ये शहर

आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम अब भारत की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फोकस्ड डेटा सिटी बनने जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कनेक्टिविटी और बड़े निवेश के साथ यह शहर अमेरिका और चीन जैसी वैश्विक ताकतों को कड़ी टक्कर देगा.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

आंध्र प्रदेश : भारत की तकनीकी दुनिया में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है और इसका केंद्र बनेगा आंध्र प्रदेश का खूबसूरत तटीय शहर विशाखापत्तनम. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत यहां देश की पहली AI समर्पित डेटा सिटी का निर्माण किया जा रहा है. अपनी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और समुद्री इंटरनेट केबल्स की सीधी पहुंच के कारण यह शहर भविष्य की डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह प्रोजेक्ट न केवल भारत की क्षमताओं को बढ़ाएगा बल्कि वैश्विक पहचान दिलाएगा.

भौगोलिक स्थिति का सामरिक लाभ

आपको बता दें कि विशाखापत्तनम की सबसे बड़ी ताकत इसकी समुद्री सीमा और भौगोलिक स्थिति है. एक प्रमुख पोर्ट सिटी होने के नाते यह सीधे दक्षिण-पूर्व एशिया के डिजिटल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. यहां सिंगापुर से आने वाली सबमरीन केबल का लैंडिंग पॉइंट विकसित किया जा रहा है. इसका सीधा मतलब है कि डेटा ट्रांसफर की गति अत्यधिक तेज होगी और लेटेंसी न के बराबर रहेगी. AI प्रोजेक्ट्स के लिए ऐसी उच्च गति वाली इंटरनेट कनेक्टिविटी अनिवार्य होती है जिससे जटिल डिजिटल गणनाएं बहुत आसानी से पूरी होंगी.

एकीकृत डेटा नेटवर्क का निर्माण

सरकार की योजना केवल डेटा सेंटर तक सीमित नहीं है बल्कि शहर के 100 किलोमीटर के दायरे में एक विशाल इकोसिस्टम तैयार करने की है. इसमें हाइपरस्केल डेटा सेंटर के साथ-साथ सर्वर बनाने वाली इकाइयां और उन्नत कूलिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे. सरकार निजी कंपनियों को यहां अपनी तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इस दूरगामी पहल से न केवल आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

वैश्विक शक्तियों से सीधा मुकाबला

वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अमेरिका और चीन का दबदबा है. आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश का मानना है कि अब सवाल यह नहीं है कि तकनीक अपनाई जाए या नहीं बल्कि यह है कि हम कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि विशाखापत्तनम भारत की AI रणनीति का मुख्य आधार बनेगा. दिल्ली में होने वाले 'AI इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026' से पहले सरकार ने यह संकेत दिया है कि विशाखापत्तनम अब अंतरराष्ट्रीय निवेश का केंद्र बनेगा.

दिग्गजों का विशाखापत्तनम पर भरोसा

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां अब इस शहर की ओर रुख कर रही हैं. गूगल ने अमेरिका के बाहर अपना सबसे बड़ा AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब विशाखापत्तनम में बनाने का वादा किया है. इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, ब्रुकफील्ड और डिजिटल रियल्टी जैसे बड़े समूहों ने भी राज्य में भारी निवेश की सहमति दी है. सरकार अब तक 700 से अधिक महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए समझौते कर चुकी है. इन निवेशों से यह साफ है कि विशाखापत्तनम जल्द ही वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक सितारा बनकर चमकेगा.

भविष्य की नई डिजिटल तस्वीर

नई दिल्ली में आयोजित होने वाला आगामी ग्लोबल समिट इस पूरे विजन को और मजबूती देने वाला साबित होगा. इसमें शामिल होने वाले दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष और बड़े कॉर्पोरेट सीईओ भारत की इस नई डिजिटल छलांग के साक्षी बनेंगे. विशाखापत्तनम का यह सफर केवल एक शहर का विकास नहीं है बल्कि यह भारत की उस महत्वाकांक्षा का प्रतीक है जो तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना चाहती है. यह डेटा सिटी आने वाले समय में देश की आर्थिक प्रगति का नया इंजन बनेगी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag