लड़की की नाक में घुस गया दिमाग, इस अनोखी बीमारी को देख डॉक्टर्स भी हैरान

Rare Disease: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक दुर्लभ चिकित्सा मामला सामने आया है, जिसमें 14 साल की लड़की का दिमाग नाक में घुस गया. इस अजीब और खतरनाक स्थिति को सर्जरी द्वारा सफलतापूर्वक ठीक किया गया है. डॉक्टरों ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को पूरा करने के लिए दूरबीन विधि का इस्तेमाल किया, जिससे किशोरी की जान बचाई जा सकी.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Rare Disease: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक अजीब और दुर्लभ बीमारी का मामला सामने आया है, जिसमें 14 वर्षीय लड़की का दिमाग नाक में घुस गया. यह घटना चिकित्सा जगत में एक चुनौतीपूर्ण और हैरान कर देने वाला मामला बन गई. लड़की की जान बचाने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के विशेषज्ञों ने एक जटिल सर्जरी की, जिसके बाद किशोरी की हालत अब खतरे से बाहर है. इस दुर्लभ बीमारी को 'जल मैनिंगो इंसीफेलोसील' (Nasal Meningoencephalocele) कहा जाता है.

5 फरवरी को लड़की की सर्जरी करीब तीन घंटे तक चली, जिसे सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन यादव ने सफलतापूर्वक किया. उनके साथ एनेस्थीसिया के प्रोफेसर डॉ. शाहबाज अहमद की टीम भी मौजूद रही. डॉ. यादव ने बताया कि सर्जरी के लिए दूरबीन विधि (Endoscopic technique) का उपयोग किया गया था, जिसमें नाक के जरिए सिर की हड्डी तक पहुंचने के बाद, दिमाग के ऊतकों (Tissues) को काटकर निकाल लिया गया और फिर हड्डी के छेद की मरम्मत की गई.

लड़की को हुई अनोखी बीमारी

इस दुर्लभ बीमारी के कारण किशोरी को बार-बार मेनिन्जाइटिस की समस्या उत्पन्न हो रही थी. इससे उसके दिमाग में संक्रमण फैलने के कारण उसे तेज बुखार और झटके आते थे, जिनसे वह कई बार अचेत हो जाती थी. करीब एक महीने पहले, लड़की के परिवारजनों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में दिखाया था, जहां से उसे ईएनटी विभाग में रेफर कर दिया गया.

दिमाग का नाक में प्रवेश

विभागाध्यक्ष डॉ. यादव ने बताया कि इस प्रकार की सर्जरी में सिर की ऊपर की हड्डी को काटकर निकाला जाता है और फिर दिमाग के अतिरिक्त ऊतकों को हटाया जाता है. इस सर्जरी में पहली बार दूरबीन विधि का इस्तेमाल किया गया, जिसमें नाक के जरिए टिशू तक पहुंचा गया. जब डॉक्टरों ने जाँच की, तो पाया कि नाक को सिर से जोड़ने वाली हड्डी, जिसे 'किनीफार्म प्लेट' कहा जाता है, में एक सुराख बना हुआ था. इस सुराख से दिमाग के टिशू नाक में प्रवेश कर रहे थे. यह हड्डी नाक की मुख्य हड्डी एथमॉइड का हिस्सा होती है, जो धीरे-धीरे नाक में विकसित हो रही थी.

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