मकान मालिकों की शर्तों से परेशान महिला का झलका दर्द बोली ''दिल्ली में फ्लैट ढूंढ़ना स्टार्टअप से भी मुश्किल... '
दिल्ली में किराए का घर ढूंढ़ना कितना मुश्किल हो सकता है, इसका दर्द एक महिला उद्यमी की वायरल पोस्ट में झलक रहा है. उन्होंने दावा किया कि स्टार्टअप खड़ा करना आसान है, लेकिन राजधानी में सुरक्षित और सम्मानजनक फ्लैट मिलना कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किराए का घर ढूंढ़ना आज के समय में बड़ी चुनौती बन चुका है. सीमित जमीन, ऊंची प्रॉपर्टी कीमतें और सख्त निर्माण नियमों के कारण यहां मांग के मुकाबले आपूर्ति काफी कम है. ऐसे में किरायेदारों को न सिर्फ महंगे किराए का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई अन्य व्यावहारिक परेशानियों से भी जूझना पड़ता है.
इन्हीं समस्याओं को लेकर यूथोक्रैसी की संस्थापक नैमिषा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना अनुभव साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि, 'असली चुनौती निजता, सुरक्षा और अनुचित परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों से निपटना है.' उनके मुताबिक, एक महिला उद्यमी के रूप में दिल्ली में घर ढूंढ़ना निवेश जुटाने या टीम संभालने से भी ज्यादा कठिन साबित हुआ.
क्यों मुश्किल है घर मिलना?
दिल्ली में सीमित जमीन और अधिकतम चार मंजिल तक निर्माण की अनुमति जैसे नियम नए प्रोजेक्ट्स को सीमित कर देते हैं. इसके अलावा, पुरानी इमारतों का खराब रखरखाव, कानूनी उलझनें और ऊंची ब्रोकरेज व ट्रांसफर फीस किरायेदारों के लिए अतिरिक्त परेशानी खड़ी करती हैं. ऐसे माहौल में सही और सुरक्षित घर तलाशना आसान नहीं रह जाता.
वायरल पोस्ट में छलका दर्द
@SpeakNaimisha हैंडल से की गई पोस्ट में महिला उद्यमी ने लिखा कि कंपनी खड़ी करना और टीम लीड करना फ्लैट ढूंढ़ने से आसान है. उनका दावा है कि कई मकान मालिक किरायानामे में ऐसी शर्तें जोड़ देते हैं, जिससे उन्हें कभी भी फ्लैट में प्रवेश की अनुमति मिल जाती है. इसके अलावा, किराया बिना पूर्व सूचना के बढ़ा दिया जाना भी आम बात बताई गई.
The toughest thing I have faced as a woman founder in Delhi is not raising funds or managing a team. It is finding a place to live.
— Naimisha (ନୈମିଷା) 🇮🇳 (@SpeakNaimisha) February 20, 2026
Landlords are writing clauses that allow them to enter my flat whenever they want.
Rent is being raised without any notice. And the moment I tell…
उन्होंने यह भी कहा कि जब वह खुद को स्टार्टअप फाउंडर बताती हैं, तो कुछ मकान मालिक उनके चरित्र पर सवाल उठाने लगते हैं.
निजता और सुरक्षा को लेकर चिंता
मकान मालिकों के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने लिखा कि, 'वे आपसे हर समय घर पर रहने की उम्मीद करते हैं, उनके शेड्यूल के अनुसार, और एक अच्छे किराएदार की उनकी धारणा के अनुरूप रहने की उम्मीद करते हैं.'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं 27 साल की हूं. मकान मालिक का बिना सूचना दिए मेरे घर में घुस जाना सिर्फ असुविधाजनक ही नहीं है, बल्कि यह मेरे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, और एक अकेली महिला होने के नाते, इससे मुझे असुरक्षित महसूस होता है.'
उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है और कई यूजर्स इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.


