निर्मला सीतारमण ने संसद में फोड़ा बम! FY27 में भारत की GDP 7.2% तक पहुंचने का अनुमान, क्या AI क्रांति से होगा कमाल?
आज संसद में निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया. यह 799 पेज का दस्तावेज है, जिसमें 16 अध्याय हैं. इससे अनुमान लगाया गया है कि FY27 में भारत की GDP 7.2% तक पहुंच सकती है.

Budget 2026: 29 जनवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया. यह रिपोर्ट बजट से पहले देश की आर्थिक स्थिति का पूरा लेखा-जोखा देती है. इसमें पिछले साल की उपलब्धियां, चुनौतियां और आने वाले समय के अनुमान शामिल हैं. यह 799 पेज का दस्तावेज है, जिसमें 16 अध्याय हैं.
आर्थिक सर्वेक्षण क्या है?
आर्थिक सर्वेक्षण एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, जो वित्त मंत्रालय की टीम तैयार करती है. यह बजट पेश होने से पहले आता है और देश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर दिखाता है. इसमें विकास दर, महंगाई, व्यापार, रोजगार जैसी बातों पर विस्तार से चर्चा होती है. यह सरकार को नीतियां बनाने में मदद करता है.
FY27 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान
सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का ऊपरी अनुमान 7.2% और निचला अनुमान 6.8% रखा गया है. मजबूत घरेलू मांग को इस तेजी का मुख्य कारण बताया गया है. FY26 में भी 7.4% (पहले अग्रिम अनुमान) विकास की उम्मीद है.
भारत की संभावित विकास दर अब 7.0% तक बढ़ गई है, जो तीन साल पहले 6.5% थी. वैश्विक चुनौतियों जैसे अमेरिकी टैरिफ के बावजूद अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है.
AI पर अलग अध्याय
इस बार की रिपोर्ट में पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर अलग से एक पूरा अध्याय है. कुल 16 अध्यायों वाली इस रिपोर्ट में AI को भविष्य की बड़ी ताकत माना गया है. AI से उत्पादकता बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, लेकिन नौकरियों पर असर का भी विश्लेषण किया गया है. सरकार नई तकनीक पर ज्यादा ध्यान देगी.
Union Finance Minister @nsitharaman tables the Economic Survey 2025-26 in Lok Sabha during the Budget session of Parliament#EconomicSurvey #EconomicSurvey2025_26 #BudgetSession #BudgetSession2026 pic.twitter.com/tj4awKzsfi
— PIB India (@PIB_India) January 29, 2026
सोने-चांदी का जिक्र
सर्वेक्षण में सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं का भी उल्लेख है. हाल के रुझानों में इनकी मांग मजबूत है, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई गई है. महंगाई पर इनका प्रभाव पड़ सकता है, खासकर कोर इन्फ्लेशन में.
आर्थिक सर्वेक्षण अन्य मुख्य बातें
- वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग और बुनियादी ढांचे पर जोर.
- राजकोषीय घाटा नियंत्रण में सफलता, रुपये की स्थिरता के लिए निर्यात बढ़ाना जरूरी.
- महंगाई पर नजर, जीएसटी सुधारों का अगला चरण संभव.
- विदेशी निवेश और वैश्विक जोखिमों का प्रबंधन जरूरी.
- 'गोल्डीलॉक्स' ग्रोथ का लक्ष्य: मजबूत विकास के साथ नियंत्रित महंगाई.


