8th Pay Commission पर बड़ी हलचल, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी की तैयारी तेज
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. आयोग को दिल्ली में स्थायी कार्यालय मिलने के साथ ही सैलरी और पेंशन बढ़ोतरी की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है. फरवरी 2026 में अहम बैठक होने जा रही है, जिससे बड़े फैसलों की उम्मीद बढ़ गई है.

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. लंबे समय से चर्चा में चल रहे आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे वेतन बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत हुई हैं. आयोग के गठन के करीब तीन महीने बाद अब उसे दिल्ली में स्थायी कार्यालय मिल गया है, जिसे प्रक्रिया के औपचारिक रूप से आगे बढ़ने का संकेत माना जा रहा है.
नई दिल्ली में कार्यालय आवंटन के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े फैसले अब सिर्फ प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन पर गंभीर स्तर पर काम शुरू होने वाला है. आने वाले समय में केंद्रीय कर्मचारियों और रिटायर्ड पेंशनर्स से जुड़े अहम मुद्दों पर बैठकों और चर्चाओं का दौर तेज होने की संभावना है.
8वें वेतन आयोग को मिला स्थायी कार्यालय
आठवें वेतन आयोग को नई दिल्ली के जनपथ इलाके में स्थित चंद्रलोक बिल्डिंग में कार्यालय की जगह आवंटित की गई है. जैसे ही यह कार्यालय पूरी तरह कार्यशील होगा, आयोग से जुड़े कामों में रफ्तार आने की उम्मीद है. यहीं से वेतन संशोधन, भत्तों और पेंशन से जुड़े प्रस्तावों पर औपचारिक तैयारी शुरू की जाएगी.
25 फरवरी 2026 को होगी अहम बैठक
इसी बीच एक और बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स का प्रतिनिधित्व करने वाली नेशनल काउंसिल की स्टाफ साइड ड्राफ्टिंग कमेटी 25 फरवरी 2026 को दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक करने जा रही है. यह बैठक फिरोजशाह रोड स्थित कार्यालय में होगी, जिसमें देशभर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
रेलवे से रक्षा तक, कई विभाग होंगे शामिल
इस बैठक में रेलवे, रक्षा, डाक विभाग, आयकर सहित कई प्रमुख विभागों के कर्मचारी संगठनों की भागीदारी होगी. सूत्रों के अनुसार, यह चर्चा सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लगभग एक सप्ताह तक चल सकती है, ताकि सभी मुद्दों पर विस्तार से विचार किया जा सके.
वेतन, भत्ते और पेंशन पर होगा मंथन
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में वेतन ढांचे, महंगाई भत्ता, अन्य भत्ते, प्रमोशन नीति, पेंशन और सेवा शर्तों जैसे अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी. इन सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए एक ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, जिसे आगे चलकर वेतन आयोग को सौंपा जाएगा. जैसे ही 8वें वेतन आयोग का कार्यालय पूरी तरह सक्रिय होगा, यह मेमोरेंडम औपचारिक रूप से जमा किया जा सकता है.
नोटिफिकेशन के जरिए मांगे जाएंगे सुझाव
आठवां वेतन आयोग जल्द ही एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करेगा. इसके माध्यम से केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित संस्थानों से वेतन और सेवा शर्तों को लेकर सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे. सभी स्टेकहोल्डर्स को तय समय सीमा के भीतर अपने प्रस्ताव आयोग को भेजने होंगे. इसके बाद NC-JCM की ओर से तैयार किया गया फाइनल ड्राफ्ट आयोग के सामने रखा जाएगा. हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि आयोग सभी सिफारिशों को पूरी तरह स्वीकार करे.
पिछला अनुभव क्या कहता है?
पिछले वेतन आयोग के अनुभव को देखें तो सातवें वेतन आयोग के दौरान कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी 26,000 रुपये करने की मांग की थी, लेकिन आयोग ने इसे 18,000 रुपये तय किया था. इससे साफ है कि सुझावों के साथ-साथ आयोग अपनी गणनाओं और शर्तों के आधार पर अंतिम फैसला लेता है.
प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
फिलहाल, कार्यालय आवंटन और फरवरी 2026 में होने वाली बैठक से यह संकेत मिल गया है कि 8th Pay Commission की प्रक्रिया अब कागजी चर्चा से आगे निकलकर वास्तविक कार्यान्वयन के चरण में प्रवेश कर चुकी है. आने वाले महीनों में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन से जुड़े बड़े फैसलों की नींव यहीं से रखी जाएगी.


