पोंजी ऐप्स पर शिकंजा कसने के लिए मेइटी और आर.बी.आई के साथ काम कर रहा है: निर्मला सीतारमण

पोंजी ऐप्स के खिलाफ निवेशकों को आगाह करते हुए, सीतारमण ने कहा कि निवेशकों को अपनी सावधानी बरतनी चाहिए और उनके द्वारा किए गए आकर्षक रिटर्न के दावों के बहकावे में नहीं आना चाहिए।

Saurabh Dwivedi

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वित्तीय प्रभाव डालने वालों को विनियमित करने के लिए वर्तमान में कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ मिलकर पोंजी ऐप्स पर शिकंजा कसने के लिए काम कर रहा है। ताकि भोले-भाले निवेशकों की गाढ़ी कमाई को छीनने से रोका जा सके।

पोंजी ऐप्स के खिलाफ निवेशकों को आगाह करते हुए, सीतारमण ने कहा कि निवेशकों को अपनी सावधानी बरतनी चाहिए और उनके द्वारा किए गए आकर्षक रिटर्न के दावों के बहकावे में नहीं आना चाहिए।

"ऐसे ऐप भी हैं जो सामने आ रहे हैं और लोगों तक पहुंच रहे हैं और कह रहे हैं कि हम यह कर सकते हैं, हम ऐसा कर सकते हैं। आपका पैसा आपको इतना दिलाएगा।"

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘उनमें से कई पोंजी हैं। इन पर शिकंजा कसने के लिए हम इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’’ पोंजी योजना निवेशकों के साथ धोखाधड़ी है, जिसमें नए निवेशकों से जुटाए धन से पुराने निवेशकों को पैसा दिया जाता है, और कुछ समय के बाद यह योजना पूरी तरह से डूब जाती है।

उन्होंने कर्नाटक के तुमकुरु में एक कार्यक्रम में कहा कि निवेशकों को भी अपनी मेहनत की कमाई की रक्षा करनी चाहिए और इस संबंध में सावधानी के साथ फैसला करना चाहिए।

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