अचानक तगड़ा झटका... वर्ल्ड फेमस व्हिस्की कंपनी ने रोका पूरा प्रोडक्शन, हजारों कर्मचारीयों का भविष्य अधर में पड़ा

शराब निर्माता पहले से ही गोदामों में बढ़ते स्टॉक को लेकर परेशान चल रहे थे, ऊपर से इस साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त टैरिफ ने वैश्विक व्यापार में तनाव और बढ़ा दिया.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: अगर आप Jim Beam Bourbon Whiskey के शौकीन हैं, तो यह खबर आपको चौंका सकती है. दुनिया की मशहूर बॉर्बन व्हिस्की ब्रांड जिम बीम के उत्पादन को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने इंडस्ट्री से लेकर कर्मचारियों तक सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है.

Jim Beam की मालिक कंपनी सनटोरी ग्लोबल स्पिरिट्स ने केंटकी स्थित अपने प्रमुख संयंत्र में अचानक उत्पादन रोकने का ऐलान कर दिया है. यह सस्पेंशन पूरे एक साल के लिए किया गया है, जिससे न सिर्फ कंपनी की सप्लाई चेन बल्कि हजारों कर्मचारियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.

कितने समय के लिए बंद हुआ प्रोडक्शन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bourbon Whiskey बनाने वाली कंपनी Jim Beam ने केंटकी स्थित अपने मुख्य डिस्टिलरी में एक साल तक उत्पादन रोकने का फैसला लिया है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि साल 2026 के दौरान इस संयंत्र में किसी भी तरह का प्रोडक्शन नहीं होगा. केंटकी में कंपनी के विभिन्न स्थानों पर 1,000 से अधिक लोग कार्यरत हैं. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब अमेरिका की बॉर्बन व्हिस्की इंडस्ट्री ओवरस्टॉक और वैश्विक मांग में अनिश्चितता जैसी समस्याओं से जूझ रही है.

कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला

Jim Beam की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि डिस्टिलरी 2026 के दौरान पूरी तरह बंद रहेगी, क्योंकि इस अवधि में कंपनी साइट पर सुधार और विकास कार्यों के लिए निवेश करना चाहती है. कंपनी ने यह भी साफ किया है कि इस संयंत्र को छोड़कर केंटकी में उसके अन्य प्लांट सामान्य रूप से काम करते रहेंगे. कंपनी का कहना है कि यह कदम राज्य में अपने ऑपरेशन को पूरी तरह बंद करने की बजाय भविष्य की मांग की समीक्षा और तैयारी का हिस्सा है.

कर्मचारियों को लेकर क्या है स्थिति

Bourbon Whiskey निर्माता कंपनी के अनुसार, उत्पादन बंद रहने के बावजूद केंटकी स्थित Jim Beam Visitor Center पहले की तरह खुला रहेगा. वहीं, कंपनी इस बात पर विचार कर रही है कि इस दौरान कर्मचारियों की सेवाओं का कैसे उपयोग किया जाए.

कंपनी ने पुष्टि की है कि कर्मचारियों के भविष्य को लेकर श्रमिक संघ के साथ बातचीत जारी है और इस अवधि के दौरान आगे की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है.

बढ़ता स्टॉक और भारी आर्थिक नुकसान

केंटकी में बॉर्बन निर्माताओं पर बढ़ते स्टॉक का दबाव लगातार बढ़ रहा है. अक्टूबर में केंटकी डिस्टिलर्स एसोसिएशन ने जानकारी दी थी कि राज्यभर के गोदामों में बॉर्बन का स्टॉक रिकॉर्ड 16 मिलियन बैरल से अधिक हो चुका है. इन स्टॉक्स पर राज्य सरकार द्वारा टैक्स लगाया जाता है, जिससे उत्पादकों की लागत और बढ़ गई है. एसोसिएशन के मुताबिक, सिर्फ टैक्स के कारण इस साल शराब निर्माताओं को लगभग 75 मिलियन डॉलर यानी करीब 6,200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

वैश्विक तनाव और ट्रंप टैरिफ का असर

ओवरस्टॉक की समस्या के बीच वैश्विक व्यापार तनावों ने अमेरिकी शराब निर्माताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अप्रैल में लागू किए गए व्यापक टैरिफ के बाद इंडस्ट्री पर दबाव और गहरा गया. इसके अलावा कनाडा के साथ व्यापारिक तनाव का भी सीधा असर बिक्री पर पड़ा है. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 की शुरुआत में ही अधिकांश कनाडाई प्रांतों ने बहिष्कार के तहत अमेरिकी शराब की खरीद बंद कर दी थी.

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