चमकती दुनिया से सन्यास की शरण: ममता कुलकर्णी के बाद इशिका तनेजा ने भी छोड़ा बालीवु़ड

बालीवुड की एक और अभिनेत्री ने माया नगरी को अलविदा कह दिया है. इनका नाम इशिका तनेजा है जो 2028 में मिस वर्ल्ड टूरिज्म का खिताब जीत चुकी है. अब ग्लैमर की दुनिया को छोड़ रूहानीयत की राह पर चल पड़ी हैं. 2016 में भारत की 100 सफल महिलाओं में शामिल होकर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से सम्मानित होने वाली इशिका ने हाल ही में महाकुंभ में हिस्सा लिया. जहां उनका जीवन एक नए मोड़ पर आ गया. उन्होंने सनातन धर्म अपनाते हुए संन्यास लेने का निर्णय लिया, जिससे उनकी यह यात्रा प्रेरणादायक बन गई.  

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

धार्मिक न्यूज. 2025 की शुरुआत में जनवरी में महाकुंभ शुरू हुआ और इसमें पूरे भारत से श्रद्धालु आए. बॉलीवुड की कई हस्तियां भी यहां पहुंची. इनमें से एक अभिनेत्री ममता कुलकर्णी भी हैं जिन्होंने संन्यास लेकर सबको चौंका दिया.  और अब दिल्ली की रहने वाली अभिनेत्री इशिका तनेजा ने भी इसी राह पर कदम बढ़ाया है. महाकुंभ 2025 के दौरान उन्होंने आध्यात्मिक यात्रा शुरू की है.
ग्लैमर की दुनिया में नाम कमा चुकी इशिका अब इससे दूर होकर आध्यात्म की ओर कदम बढ़ा रही हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर महाकुंभ से कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं. इससे साफ पता चलता है कि धर्म के प्रति उनका झुकाव बढ़ रहा है.

इशिका ने अभिनय क्यों छोड़ दिया?

2017 में आई फिल्म इंदु सरकार में अपनी भूमिका के लिए सुर्खियां बटोरने वाली इशिका तनेजा ने अब ग्लैमर इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया है. उन्होंने हाल ही में महाकुंभ में डुबकी लगाई और कहा कि महिलाओं को "छोटे कपड़ों में डांस नहीं करना चाहिए." उनका मानना ​​है कि जीवन में सच्ची शांति आध्यात्मिकता को अपनाने से आती है.

Who is Ishika Taneja?

इशिका तनेजा ने 2018 में मिस वर्ल्ड टूरिज्म का खिताब जीता था. 2016 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भारत की 100 सफल महिलाओं में से एक के रूप में सम्मानित किया था. उन्होंने मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार और विक्रम भट्ट की वेब सीरीज हैड में भी काम किया है.

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है उनका नाम 

इसके अलावा, 60 मिनट में 60 मॉडलों पर 60 फुल एयरब्रश मेकअप करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी उनके नाम है. इसी साल जनवरी में इशिका ने जबलपुर में शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में गुरु दीक्षा ली. उन्होंने बताया कि नाम और शोहरत पाने के बाद भी उन्हें जीवन में अधूरापन महसूस होता था. इसलिए उन्होंने शांति और सच्ची खुशी की तलाश में आध्यात्म का रास्ता चुना. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हर बेटी को धर्म के प्रति जागरूक होना चाहिए.

मैं सनातनी हूं मुझे गर्व है-इशिका 

इशिका ने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा कि मुझे गर्व है कि मैं सनातन धर्म से जुड़ी हूं. मैं सेवा की भावना से आगे बढ़ना चाहती हूं. महाकुंभ में दैवीय शक्तियां हैं और मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि मुझे शंकराचार्य जी से गुरु दीक्षा मिली है. इससे मुझे जीवन में सही दिशा मिली है."

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