पत्नी राधा को लेकर राजपाल यादव ने कही बड़ी बात, मुश्किल समय में छलका अभिनेता का दर्द
2012 की फिल्म के लिए ली गई 5 करोड़ की रकम को लेकर राजपाल यादव कानूनी विवाद में फंसे. रकम 9 करोड़ तक पहुंची और मामला जेल तक गया. अब अभिनेता ने कहा है कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करेंगे.

मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव कई दिनों से चेक बाउंस विवाद के मामले को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अदालत जो भी फैसला देगी, वह उन्हें स्वीकार होगा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले पर वह ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन अपने कठिन समय में साथ देने वालों के प्रति आभार जरूर जताया.
राजपाल ने भावुक अंदाज में कहा कि उनकी जन्मभूमि और हिंदी सिनेमा दोनों उनके लिए बहुत मायने रखते हैं. उन्होंने कहा कि वह इस जीवन में फिल्म इंडस्ट्री का एहसान नहीं चुका सकते. उनके इस बयान से साफ झलकता है कि मुश्किल दौर के बावजूद उनका भरोसा सिनेमा और न्याय व्यवस्था दोनों पर कायम है.
परिवार के साथ बिताया समय
बता दें कि राजपाल यादव को 12 दिन तिहाड़ जेल में बिताने के बाद 19 फरवरी को अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए जमानत मिली थी. शादी समारोह में शामिल होने के लिए अभिनेता अपने गांव शाहजहांपुर पहुंचे थे. उस दौरान उन्होंने अपने परिवार संग काफी मौज-मस्ती की, जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं.
पत्नी राधा को लेकर कही बड़ी बात
राजपाल यादव ने अपनी पत्नी राधा यादव को लेकर कहा कि वो कई जन्म लेकर भी अपनी पत्नी का कर्ज नहीं उतर सकता. राधा पूरे परिवार को एक साथ लेकर चलती है. राजपाल ने आगे कहा कि उनकी गांव की जमीन उनकी दाल रोटी की व्यवस्थी कर देगी. वहीं कर्ज विवाद पर राजपाल ने कोई खास प्रतिक्रिया न देना उचित समझा.
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़ा है. इस फिल्म को बनाने के लिए राजपाल यादव ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये लिए थे. अभिनेता का कहना है कि यह रकम कर्ज नहीं बल्कि निवेश के तौर पर ली गई थी. यानी फिल्म सफल होती तो कंपनी को मुनाफे में हिस्सा मिलता. लेकिन दूसरी ओर कंपनी का दावा था कि यह राशि कर्ज के रूप में दी गई थी, जिसे तय समय पर लौटाना जरूरी था.
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई. इससे राजपाल यादव को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. नुकसान के चलते वह तय समय पर पैसा वापस नहीं कर सके. कंपनी के अनुसार, मूल 5 करोड़ रुपये की रकम ब्याज और अन्य शुल्क के साथ बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये हो गई. मामला अदालत तक पहुंच गया और कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई.
जेल तक पहुंचा मामला
जब भुगतान नहीं हो पाया, तो कोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा. यह घटना उनके करियर के सबसे कठिन दौरों में से एक मानी गई. हालांकि बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें राहत मिली, लेकिन यह विवाद लंबे समय तक चर्चा में बना रहा. हालिया बयान में राजपाल यादव ने साफ किया कि वे न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि मुश्किल वक्त में जिन लोगों ने उनका साथ दिया, वह उनके आभारी हैं.


