गोवा में आम आदमी पार्टी का हेल्थ मॉडल चमका, 800 हेल्थ कैंपों में 20,000 से ज्यादा मरीजों का इलाज

गोवा के गांवों में सालों से एक छोटी सी बीमारी भी बड़ा संकट बन जाती थी. शहर का अस्पताल दूर, खर्चा ज्यादा, दवाइयां महंगी लोग से परेशान. सरकारें आईं-गईं, वादे हुए, बदलाव नहीं. फिर आम आदमी पार्टी ने ठान लिया अस्पताल नहीं, इलाज आपके मोहल्ले आएगा. बस शुरू हुए मुफ्त हेल्थ कैंप, और देखते ही देखते गोवा की स्वास्थ्य तस्वीर ही बदल गई.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: गोवा की राजनीति में वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की कमी लोगों के जीवन में एक बड़ी चुनौती बनी रही है. गांवों और दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को छोटी-सी बीमारी में भी शहर के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था. समय, खर्च और महंगी दवाओं का बोझ आम लोगों के लिए इलाज को तनाव बना चुका था. सरकारें बदलती रहीं, वादे सुनाई देते रहे, लेकिन आम जनता की परेशानियां जस की तस रहीं.

इसी पृष्ठभूमि में आम आदमी पार्टी ने एक अलग पहल करते हुए ‘इलाज जनता तक’ पहुंचाने की सोच को आगे बढ़ाया. पार्टी ने घोषणा की कि अब लोगों को अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि स्वास्थ्य सेवा सीधे उनके मोहल्ले तक जाएगी. इसी सोच के साथ गोवा में बड़े पैमाने पर हेल्थ कैंप शुरू किए गए, जिसने स्वास्थ्य ढांचे की तस्वीर बदल दी.

हेल्थ कैंप ने कैसे  बदली जमीन पर हकीकत

800 से अधिक हेल्थ कैंप, 20,000+ मरीजों को राहत, आंकड़ों के अनुसार, अब तक 800 से ज्यादा हेल्थ कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 20,000 से अधिक मरीजों का मुफ्त या बेहद कम लागत पर इलाज हुआ. किसी बुजुर्ग को घर के पास दवा उपलब्ध हुई, किसी बच्चे की जांच बिना देरी के हो गई, तो कई महिलाओं का ब्लड प्रेशर बिना शुल्क मापा गया. हेल्थ कैंप में न लंबी लाइनें थीं, न सिफारिश की जरूरत सीधा इलाज और सीधा लाभ.

बीजेपी सरकार पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि बीजेपी सरकार ने बजट और घोषणाओं की बात तो बहुत की, लेकिन जनता तक फायदा नहीं पहुंचा. कई जगह डॉक्टरों की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता और अस्पतालों तक पहुंचने में दिक्कत जैसे मुद्दे वर्षों तक बने रहे.

AAP की पहल को मिला जनसमर्थन

हर मोहल्ले तक पहुंचती सेवा आम आदमी पार्टी की पहल ने लोगों के बीच भरोसा मजबूत किया है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब उन्हें यह जानकारी होने लगी है कि हेल्थ कैंप कब होंगे, कौन-सा इलाज मिलेगा और कौन-सी दवाएं मुफ्त उपलब्ध होंगी. जो सेवा कभी सिर्फ कल्पना लगती थी, वह आज हकीकत बन चुकी है.

अनुभव से बदली राजनीति

गोवा की राजनीति अब नारों से आगे बढ़कर अनुभव पर आधारित होती दिख रही है. पहले लोगों को इलाज के लिए सोचना पड़ता था, अब कुछ कदम दूर ही राहत मिल जाती है. हेल्थ कैंप ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर टूट चुका भरोसा फिर से जगा दिया है. यही कारण है कि पंचायत चुनावों के पहले माहौल बदला-बदला नजर आ रहा है.

जनता की राय

आसान जीवन ही असली राजनीति स्थानीय परिवारों का कहना है कि जब इलाज पास मिले, टेस्ट फ्री हों, दवा हाथ में आए और बीमारी बोझ न बने, तभी सरकार का महत्व समझ आता है.” आज गोवा के हजारों परिवार यही बदलाव महसूस कर रहे हैं.

पंचायत चुनाव करीब आते ही लोग कह रहे हैं कि जिसने इलाज घर तक पहुंचाया, भरोसा उसी पर है. इसी भरोसे को आम आदमी पार्टी अपनी सबसे बड़ी ताकत मान रही है. गोवा में स्वास्थ्य सुधार न सिर्फ शुरू हो चुका है, बल्कि मजबूती से आगे भी बढ़ रहा है, और इसका श्रेय जनता के अनुसार AAP की पहल को जाता है.

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