Monsoon Session: राज्यसभा में आज पेश होगा दिल्ली सेवा बिल, विपक्ष और केंद्र की क्या है तैयारी?

Monsoon Session: आज दिल्ली अध्यादेश वाला बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा. लोकसभा में इस बिल को 3 अगस्त को पारित किया गया था.

Shabnaz Khanam
Edited By: Shabnaz Khanam

हाइलाइट

  • 3 अगस्त को लोकसभा में ये विधेयक पारित किया गया

Delhi Ordinance Bill: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज (सोमवार) राज्यसभा में दिल्ली अध्यादेश से जुड़़ा बिल पेश करेंगे. जिसके लेकर अपोज़िशन ने भी तैयारी कर ली है. बीते दिन आम आदमी पार्टी समेत कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को 7 और 8 अगस्त को सदन में मौजूद रहने के लिए एक व्हिप किया था.  3 अगस्त को ये विधेयक लोकसभा में पारित किया गया था. 

सोमवार को इंडिया के फ्लोर लीडर्स की एक मीटिंग बुलाई गई है. ये बैठक सुबह 10 बजे राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के दफ्तर में की जाएगी. इस बैठक के आधे घंटे बाद कांग्रेस सांसदों की एक मीटिंग होगी. दिल्ली अध्यादेश का लगातार विरोध किया जा रहा है. इसपर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि "इस बिल पर इंडिया का रुख साफ है, हम इसके खिलाफ हैं."

Delhi Ordinance Bill: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज (सोमवार) राज्यसभा में दिल्ली अध्यादेश से जुड़़ा बिल पेश करेंगे. जिसके लेकर अपोज़िशन ने भी तैयारी कर ली है. बीते दिन आम आदमी पार्टी समेत कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को 7 और 8 अगस्त को सदन में मौजूद रहने के लिए एक व्हिप किया था.  3 अगस्त को ये विधेयक लोकसभा में पारित किया गया था. 

सोमवार को इंडिया के फ्लोर लीडर्स की एक मीटिंग बुलाई गई है. ये बैठक सुबह 10 बजे राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के दफ्तर में की जाएगी. इस बैठक के आधे घंटे बाद कांग्रेस सांसदों की एक मीटिंग होगी. दिल्ली अध्यादेश का लगातार विरोध किया जा रहा है. इसपर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि "इस बिल पर इंडिया का रुख साफ है, हम इसके खिलाफ हैं."

अपोज़िशन कर रहा विरोध

दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक-2023 दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा है. केंद्र सरकार ने इस बिल को मई महीने में जारी कियी था. जिसकी आम आदमी पार्टी मुखालफत कर रही है. आप के साथ साथ "इंडिया" की पार्टियां भी इस बिल काविरोध कर रही हैं.

सरकार के समर्थन कौन कौन?

बीजेपी के पास राज्यसभा में अभी 92 सांसद हैं. इसके साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों को मिलाकर ये इनकी तादाद 103 हो जाती है, और इसके अलावा पांच मनोनीत सांसद भी हैं. मनोनीत सांसद हमेशा सरकार के हक में ही अपना वोट करते हैं. 

बीजेपी के बहुमत होने की वजह से लोकसभा में बिल आसानी से पास हो गया. बीजेपी के सामने अब इस बिल को पास कराने की एक बड़ी चुनौती है क्योंकि इस बिल का शुरुआत से ही विरोध किया जा रहा है. ऐसे में आज इस बिल को ल्कर संसद में हंगामा होने के पूरे आसार हैं. 


 

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