महिलाओं को जल्द मिल सकता है 33% आरक्षण, 2029 के चुनाव से पहले नया बिल लाएगी सरकार

केंद्र सरकार महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की दिशा में विचार कर रही है. परिसीमन में देरी को देखते हुए कानून में संशोधन संभव है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सके.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया महिला आरक्षण कानून एक बार फिर चर्चा में है. केंद्र सरकार अब इस कानून को जल्द लागू करने की दिशा में सक्रिय होती नजर आ रही है. माना जा रहा है कि सरकार चाहती है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो जाए. दरअसल, केंद्र सरकार ने दिसंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को पारित कराया था. 

यह कानून संविधान के 128वें संशोधन के रूप में पारित हुआ था. इसके तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है. इस फैसले को लंबे समय से लंबित एक बड़े राजनीतिक कदम के रूप में देखा गया था, क्योंकि करीब 27 वर्षों से महिला आरक्षण का मुद्दा संसद में चर्चा का विषय बना हुआ था.

परिसीमन की शर्त के कारण अटका कानून

हालांकि यह कानून पारित होने के बाद भी अभी तक लागू नहीं हो पाया है. इसकी मुख्य वजह परिसीमन और नई जनगणना से जुड़ी प्रक्रिया है. मौजूदा प्रावधान के अनुसार महिला आरक्षण तभी लागू होगा, जब नई जनगणना के बाद लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन पूरा हो जाएगा. देश में अभी तक परिसीमन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. पहले जनगणना कराई जाएगी और उसके बाद परिसीमन आयोग का गठन होगा. इस पूरी प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है, इसलिए कानून लागू होने में भी देरी हो रही है.

जनगणना की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी

सरकार ने 12 दिसंबर 2025 को नई जनगणना कराने को मंजूरी दी थी. यह जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी. अनुमान है कि यह प्रक्रिया 1 मार्च 2027 तक पूरी हो सकती है. इसके बाद जनगणना के आंकड़े जारी किए जाएंगे और फिर परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा. सामान्य तौर पर परिसीमन की प्रक्रिया को पूरा होने में तीन से चार साल लग जाते हैं. हालांकि इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से होने के कारण माना जा रहा है कि इसमें दो से तीन साल का समय लग सकता है.

कानून में संशोधन पर विचार

महिला आरक्षण लागू होने में हो रही देरी को देखते हुए सरकार अब एक और विकल्प पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक सरकार इस कानून में संशोधन लाने की संभावना पर चर्चा कर रही है. इस संशोधन के जरिए महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से अलग किया जा सकता है. यदि ऐसा होता है, तो परिसीमन पूरा होने का इंतजार किए बिना ही महिलाओं को आरक्षण का लाभ दिया जा सकेगा.

2029 के चुनाव पर सरकार की नजर

सरकार की कोशिश है कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू हो जाए. इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत होगी.

विपक्ष से भी होगी बातचीत

सरकार इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनाने की भी कोशिश कर रही है. सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार इस विषय पर अपने सहयोगी दलों के साथ-साथ विपक्षी पार्टियों से भी चर्चा करेगी. यदि सभी दलों के बीच सहमति बनती है, तभी इस दिशा में आगे कदम बढ़ाया जाएगा. अब देखना होगा कि विपक्ष सरकार के इस प्रस्ताव का समर्थन करता है या इस पर अलग राय रखता है.

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