12वीं मैथ पेपर के QR कोड से खुला 'Never Gonna Give You Up' गाना...CBSE ने जारी किया स्पष्टीकरण
सीबीएसई ने 12वीं गणित के प्रश्न पत्र पर वायरल हुए क्यूआर कोड विवाद पर स्पष्टीकरण जारी किया है. बोर्ड ने पुष्टि की है कि प्रश्न पत्र पूरी तरह असली हैं और उनकी गोपनीयता के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है.

नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा की गणित परीक्षा के संपन्न होने के बाद एक अत्यंत अजीबोगरीब और विस्मयकारी विवाद सामने आया है. सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैली कि प्रश्न पत्र पर छपा सुरक्षा क्यूआर कोड किसी शैक्षणिक वेबसाइट के बजाय एक मशहूर अंग्रेजी पॉप गाने के वीडियो पर ले जा रहा है. इससे परीक्षा दे रहे छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच भारी हड़कंप मच गया और पेपर लीक या किसी बड़ी साजिश की आशंकाएं जताई जाने लगीं.
गणित के पेपर में 'रिकरोल' प्रैंक
आपको बता दें कि सोमवार को हुई गणित की परीक्षा के दौरान छात्रों ने गौर किया कि प्रश्न पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर मशहूर गायक रिक एस्टली का गाना 'नेवर गोना गिव यू अप' खुल रहा था. इंटरनेट की भाषा में इसे 'रिकरोल' प्रैंक कहा जाता है. इस अप्रत्याशित घटना से परीक्षा केंद्रों पर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई. छात्रों को लगा कि शायद किसी ने शरारतवश प्रश्न पत्र की गोपनीयता भंग कर दी है या फिर उनके पास जो सेट पहुँचा है वह नकली है.
CBSE का आधिकारिक स्पष्टीकरण
बढ़ते विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल होते वीडियो के बाद सीबीएसई ने मंगलवार को अपना पक्ष रखा. बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर साफ किया कि वायरल हो रहे प्रश्न पत्र पूरी तरह से असली हैं. सीबीएसई के प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की सेंध नहीं लगी है और परीक्षा की शुचिता पूरी तरह बरकरार है. बोर्ड ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी तकनीकी गलतियों को दोहराया नहीं जाएगा.
सुरक्षा के लिए होता है क्यूआर कोड
अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति में बोर्ड ने यह स्पष्ट किया कि प्रश्न पत्रों पर क्यूआर कोड लगाने का मुख्य उद्देश्य उनकी प्रामाणिकता को सत्यापित करना होता है. यदि कहीं से पेपर लीक की खबर आती है. तो इस कोड के जरिए यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि संबंधित प्रश्न पत्र असली है या नहीं. हालांकि. इस बार यह कोड एक संगीत वीडियो के लिंक पर क्यों ले गया. इसकी आंतरिक जांच की जा रही है. बोर्ड ने माना कि यह एक तकनीकी त्रुटि हो सकती है.
अभिभावकों और छात्रों की चिंता
प्रश्न पत्र पर इस तरह की लापरवाही सामने आने के बाद कई अभिभावकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की. उनका कहना था कि बोर्ड जैसी जिम्मेदार संस्था से ऐसी गंभीर गलतियों की उम्मीद नहीं की जा सकती. कई छात्रों ने वीडियो साझा कर दावा किया कि उन्हें लगा पेपर के साथ किसी ने छेड़छाड़ की है. इससे परीक्षा के दौरान उनकी एकाग्रता भी प्रभावित हुई. अभिभावक इस बात को लेकर डरे हुए थे कि कहीं इस वजह से पूरी परीक्षा रद्द न हो जाए.
भविष्य के लिए एहतियाती कदम
सीबीएसई ने अपने बयान के अंत में यह भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. इसके लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. प्रश्न पत्रों की कोडिंग प्रक्रिया की दोबारा सूक्ष्मता से समीक्षा की जाएगी. बोर्ड का कहना है कि वे परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और दोषमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. इस स्पष्टीकरण के बाद अब छात्रों और स्कूलों ने राहत की सांस ली है और अगली परीक्षाओं की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया है.


