राजधानी में फैल रहा ड्रग्स का जाल! साउथ दिल्ली में करोड़ों की हेरोइन के साथ नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार

दक्षिण दिल्ली में पुलिस ने एक घर से MDMA और हेरोइन बनाने वाली ड्रग लैब का भंडाफोड़ किया है. एक नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार हुआ है और 113 किलो कच्चा माल जब्त कर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच शुरू की गई है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो राजधानी के बीचों-बीच खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स तैयार कर रहा था. यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह सिर्फ तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों के निर्माण से जुड़ा हुआ था. पुलिस की इस कार्रवाई ने शहर में फैल रहे ड्रग्स के जाल और उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर साफ इशारा किया है.

दक्षिण जिला पुलिस ने देवली इलाके में एक साधारण से दिखने वाले घर पर छापा मारकर एमडीएमए और हेरोइन बनाने वाली एक पूरी ड्रग लैब का खुलासा किया. यह घर बाहर से आम रिहायशी मकान जैसा ही था, लेकिन इसके अंदर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार करने की व्यवस्था की गई थी. पुलिस को यहां से भारी मात्रा में कच्चा माल और प्रोसेस्ड ड्रग्स बरामद हुए, जिससे साफ है कि यह कोई छोटा कारोबार नहीं था.

नाइजीरियाई नागरिक की गिरफ्तारी

इस पूरे मामले में 36 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक इमैनुअल को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, वह भारत में अवैध रूप से रह रहा था और लंबे समय से ड्रग्स के इस कारोबार को संचालित कर रहा था. उसे उस समय पकड़ा गया जब वह कथित तौर पर तैयार हेरोइन को बेचने जा रहा था. तलाशी के दौरान उसके पास से एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की हेरोइन बरामद की गई.

भारी मात्रा में रसायन और कच्चा माल जब्त

पुलिस की छापेमारी के दौरान घर से करीब 16 किलो क्रिस्टलीय पदार्थ और 16 किलो भूरे रंग का दानेदार पदार्थ मिला, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थ बनाने के आधार के रूप में किया जाता है. इसके अलावा, 51 किलो तरल रसायन अलग-अलग कंटेनरों में रखे हुए थे. साथ ही 30 बिना लेबल की कांच की बोतलें भी बरामद की गईं, जिनका उपयोग ड्रग्स के रासायनिक प्रसंस्करण में होना था. कुल मिलाकर करीब 113 किलो कच्चा माल जब्त किया गया.

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में रसायनों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि आरोपी केवल एक वितरक नहीं, बल्कि एक बड़े गिरोह का अहम हिस्सा था. जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हो सकता है और इसके तार विदेशों से जुड़े हो सकते हैं. इन रसायनों से बनने वाली ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई करोड़ रुपये तक हो सकती थी.

जांच के लिए विशेष टीम गठित

डीसीपी (दक्षिण) अंकित चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई संगठित अपराध और अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सीपी मधुप तिवारी ने जॉइंट सीपी संजय जैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की है, जो पूरे सप्लाई चेन को तोड़ने और फरार आरोपियों की तलाश करेगी.

फिलहाल आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है. यह कार्रवाई दिल्ली में नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है.

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