जयशंकर का अचानक US दौरा, ट्रंप के टैरिफ के बाद अब क्या होगा भारत-अमेरिका का खेल?
आज सोमवार से लेकर बुधवार तक विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे. ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने के बाद यह दौरा भारत के लिए अहम माना जा रहा है.

नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी 2026 तक अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं. इस यात्रा का मुख्य कारण अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित 'क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल' बैठक में शामिल होना है. यह बैठक वाशिंगटन डीसी में हो रही है और इसमें महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी.
वरिष्ठ अधिकारियों से करेंगे मुलाकात
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डॉ. जयशंकर 2 फरवरी से शुरू होकर 4 फरवरी तक अमेरिका में रहेंगे. इस दौरान वे क्रिटिकल मिनरल्स की मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे. साथ ही अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-अमेरिका के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर बातचीत जारी है.
External Affairs Minister Dr. S. Jaishankar will visit the United States from 2-4 February 2026 to participate in the Critical Minerals Ministerial convened by U.S. Secretary of State Marco Rubio. The Ministerial will focus on supply chain resilience, clean energy transitions,… pic.twitter.com/GYALVyfcsS
— ANI (@ANI) February 2, 2026
क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल क्या है?
यह पहली क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक है, जिसकी मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कर रहे हैं. बैठक का मुख्य उद्देश्य दुनिया के साझेदार देशों को एक मंच पर लाकर महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत बनाना है. इन खनिजों में लिथियम, कोबाल्ट, निकल और दुर्लभ पृथ्वी तत्व शामिल हैं.
ये इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी, सेमीकंडक्टर और रक्षा उपकरणों के लिए बहुत जरूरी हैं. बैठक में सप्लाई चेन की मजबूती, स्वच्छ ऊर्जा में बदलाव और रणनीतिक सहयोग पर फोकस रहेगा. कई देशों के मंत्री इसमें शामिल होंगे ताकि चीन पर निर्भरता कम हो और वैकल्पिक स्रोत विकसित किए जा सकें.
भारत के लिए क्या मायने रखता है यह दौरा?
भारत के लिए यह बैठक खास इसलिए है क्योंकि देश अपनी महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू सप्लाई बढ़ाने और वैश्विक साझेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. जयशंकर की मौजूदगी से भारत-अमेरिका के बीच इस क्षेत्र में सहयोग और गहरा हो सकता है. इसके अलावा, दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर चर्चा चल रही है.
कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए टैरिफ जैसे मुद्दों के बीच यह दौरा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. जयशंकर अमेरिकी अधिकारियों से द्विपक्षीय मुद्दों पर भी बात करेंगे, जिसमें रक्षा, ऊर्जा और व्यापार शामिल हो सकते हैं.


