उड़ानें रद्द, 670 किमी की यात्रा, 27 टीमें और 7 घंटे की नॉनस्टॉप यात्रा...अमेरिका में जयशंकर ने कैसे की महासचिव से मुलाकात?
अमेरिका में गवर्नमेंट शटडाउन के दौरान उड़ानें रद्द होने पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कड़ी सुरक्षा, बर्फीले मौसम और जोखिमों के बीच सात घंटे की सड़क यात्रा कर न्यूयॉर्क पहुंचकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तय बैठक समय पर पूरी की.

नई दिल्लीः विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों फ्रांस की राजधानी पेरिस में हैं, लेकिन इसी बीच अमेरिका से जुड़ा उनका एक साल पुराना अनुभव सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है. यह घटना सितंबर 2024 की है, जब अमेरिका में ‘गवर्नमेंट शटडाउन’ के चलते अचानक हवाई सेवाएं ठप हो गई थीं. हालात ऐसे बने कि जयशंकर को न्यूयॉर्क पहुंचने के लिए एक असाधारण और बेहद चुनौतीपूर्ण सड़क यात्रा करनी पड़ी. अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट की हालिया रिपोर्ट में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ है, जो किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं लगता.
अमेरिका में क्यों थम गया हवाई यातायात?
सितंबर 2024 में अमेरिका राजनीतिक असमंजस से जूझ रहा था. बजट को लेकर सहमति न बनने के कारण ‘गवर्नमेंट शटडाउन’ लागू हो गया, जिसका असर देशभर की सेवाओं पर पड़ा. इसी दौरान सभी कमर्शियल फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं. उस वक्त विदेश मंत्री जयशंकर की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ एक अहम बैठक तय थी, जिसे टालना संभव नहीं था.
सड़क मार्ग ही बना एकमात्र विकल्प
फ्लाइट रद्द होने के बाद जयशंकर अमेरिका-कनाडा सीमा के पास स्थित लिविस्टन-क्वीनस्टन ब्रिज के आसपास फंसे हुए थे. समय की कमी और बैठक की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने सड़क मार्ग से न्यूयॉर्क ले जाने का फैसला किया. इसके बाद मैनहट्टन तक करीब 416 मील यानी लगभग 670 किलोमीटर की यात्रा शुरू हुई, जो करीब सात घंटे तक चली.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस मिशन को बेहद संवेदनशील माना गया. अमेरिकी ‘डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस’ (DSS) ने जयशंकर की सुरक्षा के लिए 27 विशेष एजेंटों को तैनात किया. ये एजेंट न्यूयॉर्क और बफेलो समेत कई फील्ड ऑफिस से बुलाए गए थे. यात्रा के हर पड़ाव पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा था.
बम स्क्वायड अलर्ट से मचा हड़कंप
रास्ते में एक जगह सुरक्षा टीम बदली जा रही थी, तभी एक विस्फोटक खोजी कुत्ते ने विदेश मंत्री की बख्तरबंद गाड़ी पर प्रतिक्रिया दी. इससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया. तुरंत बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया और वाहन की गहन जांच की गई. सौभाग्य से कोई खतरा नहीं पाया गया और काफिला आगे बढ़ सका.
बर्फ, कम दृश्यता और सड़क हादसा
यात्रा के दौरान मौसम भी चुनौती बना रहा. बर्फीली ठंड, फिसलन भरी सड़कें और बेहद कम विजिबिलिटी ने जोखिम बढ़ा दिया था. थकान से बचने के लिए एजेंट बारी-बारी से वाहन चला रहे थे. न्यूयॉर्क पहुंचते समय काफिले ने एक ‘हिट एंड रन’ दुर्घटना देखी, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल थी. जयशंकर की सुरक्षा में तैनात एक एजेंट ने तुरंत मदद की और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी.
समय पर पूरी हुई कूटनीतिक जिम्मेदारी
सभी बाधाओं और जोखिमों के बावजूद एस. जयशंकर सुरक्षित रूप से न्यूयॉर्क पहुंचे और निर्धारित समय पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव से मुलाकात की. यह घटना न केवल कूटनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि आपात हालात में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग की एक मिसाल भी पेश करती है.


