भारत दौरे पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, पीएम मोदी से अहम द्विपक्षीय वार्ता आज
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे हैं. पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान व्यापार, रक्षा, हरित ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर अहम द्विपक्षीय वार्ता होगी.

नई दिल्ली: जर्मनी के संघीय चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को भारत के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर पहुंचे. उनका आगमन सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ. यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर हो रही है और फ्रेडरिक मर्ज की भारत की यह पहली आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है. इस दौरे को भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते संबंधों की एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है.
चांसलर मर्ज के दौरे का मुख्य केंद्र अहमदाबाद और गांधीनगर रहेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अहमदाबाद में उनसे मुलाकात करेंगे. उनके कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 9:30 बजे साबरमती आश्रम के दौरे से होगी, जहां वे महात्मा गांधी के जीवन और विचारों से जुड़ी विरासत को नजदीक से देखेंगे. इसके बाद सुबह करीब 10 बजे वे साबरमती नदी तट पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे, जो गुजरात की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है.
गांधीनगर में द्विपक्षीय वार्ताएं
सुबह 11:15 बजे से गांधीनगर के महात्मा मंदिर में भारत और जर्मनी के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठकें शुरू होंगी. इन बैठकों में दोनों देशों के नेता भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे. हाल ही में इस साझेदारी ने अपने 25 वर्ष पूरे किए हैं, जिससे इसकी मजबूती और निरंतरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
वार्ताओं के दौरान व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, नई तकनीकों में सहयोग, शिक्षा और कौशल विकास, तथा लोगों की आवाजाही जैसे विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान, हरित ऊर्जा, सतत विकास और जन-जन के बीच संपर्क को और मजबूत करने पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. दोनों देश जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी मिलकर काम कर रहे हैं.
पहले भी हो चुकी है अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज की पिछली मुलाकात कनाडा में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. उस अवसर पर दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाने पर सहमति जताई थी. उसी बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चांसलर मर्ज़ को भारत आने का आधिकारिक निमंत्रण दिया था, जो अब साकार हो रहा है.
भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से जुड़ा महत्व
यह दौरा 27 जनवरी को प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है. जर्मनी यूरोपीय संघ का एक प्रमुख देश है, ऐसे में भारत-जर्मनी के बीच बेहतर समन्वय भारत और यूरोप के रिश्तों को भी नई मजबूती दे सकता है.
भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने हाल ही में कहा था कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी समय के साथ लगातार मजबूत हुई है, खासकर रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में. कुल मिलाकर, यह दौरा भारत-जर्मनी संबंधों को और गहराई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.


