सैटेलाइट से चलेगी सरकार! आंध्र में नायडू का अनोखा प्रयोग

आंध्र प्रदेश सरकार ने इसरो के साथ करार कर रियल टाइम गवर्नेंस की अनोखी पहल की है। इसके तहत सैटेलाइट, ड्रोन और सेंसर की मदद से आम जनता को मौसम, आपदा और कृषि से जुड़ी जानकारियां तुरंत मिलेंगी। नायडू सरकार की यह तकनीकी पहल जनता को सीधा लाभ पहुंचाएगी.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

आंध्र प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में तकनीक का उपयोग कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक ऐसा कदम उठाया है जो देश में शासन की परिभाषा को ही बदल सकता है. नायडू सरकार अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद से सैटेलाइट तकनीक के जरिए शासन चलाएगी. इसका उद्देश्य नागरिकों तक रियल टाइम अलर्ट और सेवाएं पहुंचाना है.

राज्य सरकार और इसरो के सतीश धवन स्पेस सेंटर (SHAR) के बीच सोमवार को एक ऐतिहासिक समझौता हुआ. पांच साल के इस करार के तहत इसरो की सैटेलाइट इमेजरी और वैज्ञानिक इनपुट्स का उपयोग आंध्र प्रदेश के रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (RTGS) में किया जाएगा. यह साझेदारी विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, मौसम, आपदा प्रबंधन, और शहरी नियोजन में मदद करेगी.

AWARE प्लेटफॉर्म को मिलेगी नई ताकत

इस करार के बाद AWARE प्लेटफॉर्म को सैटेलाइट, ड्रोन, IoT, सेंसर, मोबाइल फीड और CCTV जैसी तकनीकों से जोड़ दिया जाएगा. इन सबका उद्देश्य है – आम जनता और सरकार को एक ही समय पर सही और तेज जानकारी देना. SMS, वॉट्सऐप, मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए नागरिकों तक रियल टाइम अलर्ट और सलाह भेजी जा सकेंगी.

‘वॉट्सऐप सरकार’ के नाम से पहले ही प्रसिद्ध

चंद्रबाबू नायडू की सरकार पहले भी डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में अग्रणी रही है. आंध्र प्रदेश की सरकार को ‘वॉट्सऐप सरकार’ के नाम से भी जाना जाता है. जनवरी 2025 में ‘मन मित्र’ नाम की सेवा की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत नागरिक वॉट्सऐप नंबर 9552300009 पर संदेश भेजकर 200 से अधिक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं.

नागरिकों को तकनीक से जोड़ने की पहल

नायडू का यह कदम सिर्फ तकनीक के उपयोग का नहीं, बल्कि नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से शासन प्रक्रिया से जोड़ने का भी एक अभिनव प्रयास है. आम जनता को अब बाढ़, चक्रवात, बारिश, फसल की स्थिति या ट्रैफिक जैसी कई समस्याओं की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी.

भविष्य की झलक

इस नई व्यवस्था से न केवल आपात स्थितियों में तेज़ प्रतिक्रिया संभव होगी, बल्कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी. चंद्रबाबू नायडू का यह डिजिटल मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है. यह दिखाता है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो सैटेलाइट से भी सरकार चलाई जा सकती है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag