इंडिगो पर बढ़ा संकट, क्रू की किल्लत से कई फ्लाइट्स कैंसिल, यात्री हुए परेशान

देश की बजट एयरलाइन इंडिगो ने गुरूवार को पुरे भारत के हवाई अड्डों पर उड़ाने रद्द कर दी है. अचानक से ऐसा कदम उठाने के कारण हर जगह अफरा तफरी मची हुई है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: भारत की बजट एयरलाइन इंडिगो ने गुरूवार को पुरे भारत के हवाई अड्डों पर उड़ाने रद्द कर दी है. एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर परिचालन संकट में फंसी हुई है. लगातार तीसरे दिन फ्लाइट्स के बड़े पैमाने पर रद्द होने और देरी से उड़ान भरने की घटनाओं ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी है. एयरलाइन के संचालन में आई इस अव्यवस्था का मुख्य कारण चालक दल की भारी कमी बताया जा रहा है.

देशभर में उड़ानें रद्द

गुरुवार को दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों में इंडिगो की उड़ानें रद्द हुई है. बता दें, दिल्ली से 30 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई. हैदराबाद में 33 फ्लाइट्स को रद्द किया गया. तो वहीं बेंगलुरु एयरपोर्ट के अनुसार 73 उड़ानें नहीं उड़ सकीं. सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को 170 से अधिक उड़ानें कैंसिल होने का अनुमान लगाया गया, जिससे हजारों यात्री घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहे. 

सोशल मीडिया पर दिखा शिकायतों की बौछार

अचानक उड़ानें रद्द होने से परेशान यात्री कई जगह इंडिगो स्टाफ से भिड़ते नजर आए. सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होते हुए दिखाई दिए. एक वीडियो में दिखा कि मुंबई में एक महिला यात्री ने रोष में कहा “कुछ भी करो, हमें एक उड़ान दिलवा दो.”

हैदराबाद में कई यात्री 12 से 15 घंटे तक फंसे रहे. इसको लेकर एक यूजर ने लिखा कि बार-बार “दो घंटे की देरी” बताकर यात्रियों को गुमराह किया गया, जबकि असल में उड़ानें कई घंटों तक स्थगित रहीं. 

इंडिगो ने मानी अपनी गलती 

इंडिगो, जो रोजाना करीब 2,200 उड़ानें संचालित करती है, उनका कहना है कि संचालन में “बड़ा व्यवधान” आया है. एयरलाइन ने इसे कई अप्रत्याशित चुनौतियों से जोड़ा, जैसे- तकनीकी समस्याएँ, सर्दियों में शेड्यूल बदलाव, खराब मौसम, एयरस्पेस में बढ़ा दबाव और सबसे अहम, नए क्रू रोस्टरिंग नियम. 

एयरलाइन ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अगले 48 घंटे तक शेड्यूल में बदलाव किए जाएंगे. चालक दल की कमी बनी संकट की जड़ नवंबर से लागू किए गए नए एफडीटीएल (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों के कारण पायलटों को अधिक आराम देने की बाध्यता बढ़ गई है.
इन नियमों में 48 घंटे साप्ताहिक विश्राम, रात के घंटों में बढ़ोतरी, रात की लैंडिंग को 6 से घटाकर 2 करना. ऐसे बदलावों के बाद इंडिगो को पायलटों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है.

डीजीसीए की सख्ती, एयरलाइन से जवाब तलब

विमानन नियामक डीजीसीए ने इंडिगो से विस्तारपूर्वक रिपोर्ट मांगी है और एयरलाइन अधिकारियों को बैठक में बुलाया है. नवंबर में इंडिगो की 1,232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें से 755 उड़ानें सीधे क्रू और एफडीटीएल नियमों के कारण रद्द करनी पड़ीं.  एयरलाइन का समय पर उड़ान भरने का प्रदर्शन भी अक्टूबर के 84.1% से गिरकर नवंबर में 67.7% पर पहुंच गया. 

इंडिगो का दावा है कि वह धीरे-धीरे संचालन सामान्य कर रही है, लेकिन लगातार रद्द हो रही उड़ानों ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है. फिलहाल यात्रियों को सलाह है कि वे यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस अवश्य जांचें और अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुचें. 

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