शिवसेना UBT का बड़ा आरोप: कॉर्पोरेटर्स का अपहरण कर रहे शिंदे गुट, मनसे से मिलकर बना लिया गठजोड़

महाराष्ट्र की सियासी उलझती जा रही है. कल्याण-डोंबिवली में चुनाव के बाद बड़ा खेल हो गया है. शिवसेना के दो नए सेवक अचानक गायब हो गए हैं., पार्टी ने अपहरण का गंभीर आरोप लगाया. इधर एकनाथ शिंदे ने MNS के समर्थन का ऐलान कर शिवसेना के बहुमत का दावा कर दिया है. सत्ता की जंग अब और रोमांचक हो गई है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

मुंबई: महाराष्ट्र की खंडित होती राजनीतिक तस्वीर के बीच कल्याण-डोंबिवली से सामने आए घटनाक्रम ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है. चुनाव नतीजों के बाद शिवसेना ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके दो नवनिर्वाचित नगरसेवक अचानक लापता हो गए हैं, जिससे अपहरण और दबाव की आशंका जताई जा रही है.

इसी बीच, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के समर्थन से कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में शिवसेना के बहुमत का ऐलान कर दिया. इन घटनाओं ने राज्य में सत्ता संघर्ष को और तीखा कर दिया है.

सेना के दो नगरसेवकों के लापता होने से मचा हड़कंप

शिवसेना की कल्याण इकाई ने शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पार्टी के दो नवनिर्वाचित नगरसेवकों मधुर उमेश म्हात्रे और कीर्ति राजन धोणे के अचानक लापता होने की जानकारी दी गई. पार्टी का दावा है कि परिवार, रिश्तेदारों और वरिष्ठ नेताओं से संपर्क की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं और दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं.

FIR दर्ज, लोकतांत्रिक मूल्यों पर खतरे की चेतावनी

जिला प्रमुख शरद शिवराज पाटिल ने कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराते हुए गुमशुदगी की जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून-व्यवस्था और जनता के भरोसे के लिए गंभीर खतरा है. उन्होंने राजनीतिक विरोधियों की ओर से दबाव, धोखाधड़ी या अपहरण जैसी आशंकाओं की ओर इशारा किया.

पुलिस जांच शुरू

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश नायंदे ने पुष्टि की कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि शिवसेना के सात नगरसेवक नेता उमेश बोरगांवकर के नेतृत्व में एक समूह के रूप में पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं. 15 जनवरी को हुए चुनाव में  शिवसेना को कुल 11 सीटें मिली थीं, जबकि केडीएमसी में कुल 122 सदस्य हैं.

चुनावी नतीजे

15 जनवरी को हुए चुनावों में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 52-53 सीटें जीतकर बढ़त बनाई, जबकि BJP 51 सीटों के साथ बेहद करीब रही. सेना को 11 सीटें मिलीं, MNS ने पांच, कांग्रेस ने दो और NCP ने एक सीट हासिल की. इन नतीजों ने चुनाव पूर्व गठबंधनों को तोड़ते हुए नई सियासी समीकरणों की जमीन तैयार कर दी.

MNS समर्थन पर शिंदे का बयान

एकनाथ शिंदे ने MNS के समर्थन को विकास आधारित बताते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तरह ही, वार्ड प्रगति के लिए एमएनएस ने हमारा समर्थन किया. उन्होंने राज ठाकरे की सराहना करते हुए कहा कि वे निजी लाभ से ऊपर बड़े हितों को प्राथमिकता देते हैं. शिंदे ने साफ किया कि सत्ता साझेदारी में BJP की भूमिका भी अहम बनी रहेगी.

विपक्ष पर तंज, महायुति का मेयर तय

सेना-MNS गठजोड़ से शिवसेना और BJP के पूर्व सहयोगी चौंक गए. शिंदे ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि संख्या बल के बिना मेयर बनने के सपने देखना बेकार है. इस गठबंधन से अधिकांश नगर निकायों में महायुति का मेयर तय माना जा रहा है.

बालासाहेब ठाकरे की विरासत पर शिंदे का फोकस

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंदे ने मेयर आरक्षण ड्रॉ में धांधली के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जरूरत पड़े तो अदालत का रास्ता अपनाया जा सकता है. उन्होंने ‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे अर्बन पब्लिक वेलफेयर कैंपेन’ के तहत शुरू की जा रही योजनाओं को रेखांकित किया.

स्वास्थ्य, स्वच्छता और पुनर्विकास की बड़ी घोषणाएं

शिंदे ने बताया कि ‘आरोग्य आपल्या दारी’ योजना के तहत घर-घर स्वास्थ्य जांच की शुरुआत मुंबई की BMC से होगी, जिसे बाद में पूरे राज्य में लागू किया जाएगा. इसमें बिना पर्ची और कैशलेस इलाज की सुविधा होगी.इसके अलावा किलों की सफाई, UNESCO स्थलों पर RO फिल्टर, प्लास्टिक-फ्री जोन, शिवाजी महाराज के अनुयायियों को एक लाख रुपये का मानदेय, 10,000 लड़कियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और मुंबई में 40 लाख घरों के लिए स्लम पुनर्विकास योजनाएं शामिल हैं.

करोड़ो के फंड से लाभ

इन योजनाओं के लिए कुल 539 करोड़ रुपये का फंड तय किया गया है, जिसमें प्रत्येक महानगरपालिका को 3 करोड़ और नगर परिषदों को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. यह पहल 29 नगर निगमों और 394 नगर परिषदों में लागू होगी.

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