Manipur Violence: मणिपुर मुद्दे पर संसद में हो चर्चा, राघव चड्ढा बोलें-देश में शांति बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी

Raghav Chadha: आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि पीएम मोदी को मणिपुर मुद्दे पर सदन में बोलना चाहिए. उन्होंने कहा राज्यसभा के सभापति को हमें मणिपुर मुद्दे पर चर्चा करने की अनुमति देनी चाहिए.

Lalit Hudda
Edited By: Lalit Hudda

Parliament Monsoon session 2023: आम आदमी पार्टी के यूथ आइकॉन और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को सरकार से मणिपुर मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की है. उन्होंने कहा, "देश की मांग है कि सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर के मुद्दे पर बोलना चाहिए. देश में शांति बहाल करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है." आप नेता ने कहा कि आज हम इस मुद्दे के खिलाफ संसद में विरोध करने जा रहे हैं और राज्यसभा के सभापति को हमें मणिपुर मुद्दे पर चर्चा करने की अनुमति देनी चाहिए.

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा,  'पूरे देश की मांग है मणिपुर के विषय पर देश की सरकार और सरकार के सर्वोच्च दफ्तर में बैठे प्रधानमंत्री मणिपुर के विषय में अपनी बात रखें और देश को अवगत करवाएं कि आखिर मणिपुर जल क्यों रहा है?' 

सरकार अनुच्छेद 355 को लागू करने में विफल

आप सांसद राघव चड्डा ने कहा कि देश के संविधान का अनुच्छेद 356 स्पष्ट तौर पर ये कहता है कि अगर राज्यपाल केंद्र सरकार को ये बता देते है कि राज्य जल रहा है और हमारे राज्य के अंदर लॉ एंड ऑर्डर ब्रेक डाउन हो गया है तो उसी समय तुरंत प्रभाव से केंद्र सरकार को राष्ट्रपति शासन घोषित करना होता है, यह अनुच्छेद 356 कहता है. लेकिन दुख का विषय यह है कि मणिपुर के गवर्नर ने कई बार मीडिया के जरिए कहा कि मणिपुर जल रहा है, मणिपुर को बचा लो, मणिपुर के अंदर हजारों लोग बेघर हो गए ये बात उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहीं है.

उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को मणिपुर की स्थिति के बारे में बताने के बाद भी सरकार ने मणिपुर में 356 लागू कर राष्ट्रपति शासन घोषित नहीं किया. राघव चड्ढा ने कहा कि मैं साफ तौर पर केंद्र सरकार पर इल्जाम लगाना चाहता हूं कि वह मणिपुर में संविधान के अनुच्छेद 355 और अनुच्छेद 356 लागू करने में पूरी तरह से विफल रही है.

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