'मजा ना करा दिया तो पैसे वापस' पाकिस्तानी जनरल की सड़कछाप धमकी, मई में हार के बावजूद भारत को दी खुली चुनौती!

मई 2025 में भारत से मिली हार के बाद पकिस्तान फौज के अफसरों की बौखलाहट साफ दिख रही है. जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत को खुली चुनौती दी है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: पाकिस्तान की सेना हाल के दिनों में भारत के खिलाफ काफी आक्रामक रुख अपनाती नजर आ रही है. मई महीने में भारत से मिली हार के बाद पाकिस्तानी फौज के अफसरों की बौखलाहट साफ दिख रही है. अब पाक सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत को खुली चुनौती दी है.

उनका बयान न सिर्फ धमकी भरा है, बल्कि भाषा इतनी घटिया है कि इसे सड़कछाप कहा जा सकता है. यह घटना पाकिस्तान की सेना में बढ़ती निराशा को उजागर करती है. 

जनरल का उत्तेजक बयान

प्रेस ब्रीफिंग में जनरल अहमद शरीफ ने भारत पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करता. उन्होंने कहा कि भारत दुश्मन के दुश्मन को दोस्त मान रहा है. आगे उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "ले आओ जो तुम्हें करना है. दाएं से आओ, बाएं से आओ, ऊपर से या नीचे से, अकेले या किसी के साथ. एक बार मजा ना करा दिया तो पैसे वापस." 

यह बयान साफ तौर पर भारत को युद्ध की धमकी है, लेकिन तरीका इतना अनौपचारिक और अभद्र है कि यह किसी सैन्य अधिकारी के मुंह से निकला लगता ही नहीं. ऐसा लगता है जैसे कोई फिल्मी डायलॉग बोल रहे हों. इस तरह की भाषा का इस्तेमाल पाकिस्तानी सेना की छवि को और खराब कर रहा है.

पहले भी विवादों में घिर चुके हैं जनरल

यह पहली बार नहीं है जब जनरल अहमद शरीफ सुर्खियों में आए हों. कुछ समय पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एक महिला पत्रकार को आंख मारकर इशारा किया था. इस घटना की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई और लोगों ने पाकिस्तानी सेना की मर्यादा पर सवाल उठाए. 

अब इस नए बयान से लगता है कि जनरल अपनी छवि सुधारने की बजाय और नीचे गिर रहे हैं. ऐसे बयान न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की बदनामी कराते हैं, बल्कि घरेलू स्तर पर भी सेना की विश्वसनीयता कम करते हैं. 

पाक सेना में बढ़ती बेचैनी के संकेत

खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के अंदर गहरी असंतोष की स्थिति है. एक प्रमुख न्यूज चैनल की रिपोर्ट में सूत्रों ने बताया कि सैन्य प्रवक्ता का इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना चिंताजनक है. पहले डीजी आईएसपीआर की कॉन्फ्रेंस में भारत विरोधी बातें होती थी, लेकिन वे औपचारिक और कूटनीतिक शब्दों में होती थी. अब तंज और सड़कछाप शैली का आना आत्मविश्वास की कमी दर्शाता है. 

सूत्रों का कहना है कि मई की हार के बाद पाकिस्तान हताश है और ऐसे बयानों से अपनी कमजोरी छिपाने की कोशिश कर रहा है. यह बयान भारत-पाक संबंधों को और तनावपूर्ण बना सकता है। जहां भारत शांति और विकास पर फोकस कर रहा है, वहीं पाकिस्तान की सेना ऐसे उकसावे वाले कदम उठा रही है.
 

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