प्रियंका गांधी को मिली बड़ी जिम्मेदारी: कांग्रेस ने 5 राज्यों के चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनाई, असम की कमान प्रियंका के हाथ
केरल में टिकटों का फैसला कौन लेता है? सबसे पहले स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवारों की एक मजबूत लिस्ट तैयार करती है. ये वो शॉर्टलिस्ट होती है.

नई दिल्ली: कांग्रेस ने आगामी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए स्क्रीनिंग कमेटियों का गठन कर दिया है. पार्टी नेतृत्व ने इस प्रक्रिया में प्रियंका गांधी को अहम भूमिका सौंपी है. प्रियंका गांधी को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया गया है, जो कांग्रेस संगठन में उन्हें दी गई एक और बड़ी जिम्मेदारी मानी जा रही है.
यह पहला मौका है जब प्रियंका गांधी को किसी राज्य में स्क्रीनिंग कमेटी की कमान सौंपी गई है. स्क्रीनिंग कमेटी का काम संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करना होता है, जिस पर अंतिम निर्णय पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की मीटिंग में लिया जाता है. ऐसे में असम जैसे अहम राज्य में प्रियंका की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
असम स्क्रीनिंग कमेटी की कमान
असम विधानसभा चुनावों को लेकर बनाई गई स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता प्रियंका गांधी करेंगी. उनके साथ इमरान मसूद, सप्तगिरी उलाका और श्रीवेला प्रसाद को कमेटी का सदस्य बनाया गया है. यूपी से सांसद इमरान मसूद ने हाल ही में एक बयान के जरिए प्रियंका गांधी को पीएम उम्मीदवार बनाने की चर्चा छेड़ी थी, ऐसे में अब उसी कमेटी में उनका शामिल होना राजनीतिक हलकों में खासा चर्चा में है.

असम में BJP से सीधा मुकाबला
पांचों विधानसभा चुनावों में असम इकलौता राज्य है जहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला बीजेपी से है. यहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सामने कांग्रेस की कमान सांसद गौरव गोगोई संभाल रहे हैं. भले ही प्रियंका गांधी को टिकट वितरण की जिम्मेदारी दी गई हो, लेकिन साफ है कि वह असम चुनाव में पार्टी के लिए केंद्रीय भूमिका निभाने वाली हैं. हालांकि, असम के साथ-साथ प्रियंका गांधी की सक्रियता केरल में भी बनी रहेगी, जहां से वह सांसद हैं. इससे पहले वह 2019 से 2023 तक उत्तर प्रदेश की प्रभारी रह चुकी हैं.
केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की स्क्रीनिंग कमेटी
केरल की स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्री को बनाया गया है. उनके साथ नासिर हुसैन, नीरज डांगी और अभिषेक दत्त सदस्य होंगे. केरल में पिछले दस वर्षों से वाम मोर्चे की सरकार है और कांग्रेस इसे सत्ता में वापसी का बड़ा अवसर मान रही है. हालिया स्थानीय चुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा है.
तमिलनाडु और पुडुचेरी की स्क्रीनिंग कमेटी की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव को दी गई है. इस कमेटी में यशोमति ठाकुर, जीसी चंद्रशेखर और अनिल यादव को सदस्य बनाया गया है. तमिलनाडु में कांग्रेस डीएमके पर अधिक सीटें देने का दबाव बना रही है. पिछली बार कांग्रेस ने 25 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था.
पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारी
पश्चिम बंगाल के लिए बीके हरिप्रसाद के नेतृत्व में स्क्रीनिंग कमेटी गठित की गई है. इस कमेटी में मोहम्मद जावेद, बीपी सिंह और ममता देवी को सदस्य बनाया गया है. बंगाल में कांग्रेस मुख्य मुकाबले से बाहर मानी जा रही है, ऐसे में पार्टी सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के विकल्प पर भी विचार कर रही है.
उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया और चुनाव की टाइमलाइन
कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी संभावित उम्मीदवारों के नामों की सूची तैयार करती है, जिस पर अंतिम मुहर केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में लगती है. असम कांग्रेस ने 20 जनवरी तक दावेदारों से टिकट के लिए आवेदन मांगे हैं. राज्य की 126 सीटों में से करीब 100 सीटों पर कांग्रेस और शेष 26 सीटों पर सहयोगी दलों के चुनाव लड़ने की योजना है. पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव अप्रैल–मई के बीच संभावित हैं.


