1 फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही सीतारमण, रचेंगी इतिहास...जानें बजट से जुड़ी रोचक बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाएंगी. यह बजट वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुधारवादी कदम और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा. सीतारमण मोरारजी देसाई, पी. चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड के करीब पहुंच रही हैं. बजट भाषण का समय सुबह 11 बजे और लंबाई रिकॉर्ड ब्रेकिंग रही है. इस बार भी आर्थिक दिशा और निवेश सुधारों पर ध्यान रहेगा.

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को संसद में लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं. इसके साथ ही वह देश के वित्तीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज करेंगी. वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच पेश होने वाला यह बजट आर्थिक विकास को रफ्तार देने और सुधारों को आगे बढ़ाने की उम्मीदों के साथ देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार नौ बजट पेश करने वाली वह पहली वित्त मंत्री होंगी.
मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब सीतारमण
अन्य दिग्गज वित्त मंत्रियों का रिकॉर्ड
देश के वित्तीय इतिहास में पी. चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी भी प्रमुख नाम रहे हैं. पी. चिदंबरम ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में कुल नौ बजट पेश किए, जबकि प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री रहते हुए आठ बजट प्रस्तुत किए. प्रणब मुखर्जी ने 1980 के दशक में तीन और यूपीए सरकार के दौरान 2009 से 2012 के बीच लगातार पांच बजट पेश किए थे. इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 से 1995 के बीच वित्त मंत्री के रूप में लगातार पांच बजट पेश कर आर्थिक सुधारों की नींव रखी थी.
बजट पेश करने की ऐतिहासिक परंपरा
स्वतंत्र भारत का पहला आम बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था. लंबे समय तक बजट पेश करने का समय औपनिवेशिक परंपरा के अनुसार शाम पांच बजे रखा गया था, ताकि भारत और लंदन में एक साथ घोषणाएं हो सकें. इस परंपरा को 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बदल दिया और तब से बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाने लगा.
बजट भाषण से जुड़े दिलचस्प रिकॉर्ड
बजट भाषण के मामले में भी निर्मला सीतारमण का नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज है. एक फरवरी 2020 को दिया गया उनका बजट भाषण अब तक का सबसे लंबा भाषण माना जाता है, जो करीब दो घंटे 40 मिनट तक चला था. दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने दो पन्ने बाकी रहते हुए ही भाषण समाप्त कर दिया था. वहीं, सबसे छोटे बजट भाषण का रिकॉर्ड 1977 के अंतरिम बजट के नाम है, जिसे हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल ने केवल 800 शब्दों में पूरा किया था.
आर्थिक उम्मीदों से भरा नौवां बजट
लगातार नौवां बजट पेश करने जा रहीं निर्मला सीतारमण से इस बार भी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले कदमों की उम्मीद की जा रही है. वैश्विक चुनौतियों, महंगाई और विकास दर के बीच यह बजट न केवल आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि सीतारमण के नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि भी दर्ज करेगा.


