'हम सुरक्षित नहीं हैं'... बांग्लादेश में इस्कॉन पुजारी के घर से 14 मूर्तियां चोरी

बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया जिले में स्थित एक इस्कॉन मंदिर में देर रात चोरी कर 14 मूर्तियां, नकदी और बहुमूल्य पूजा सामग्री चुरा ली गई, जिससे स्थानीय हिंदू समुदाय में भय और आक्रोश है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश में अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया जिले में स्थित श्री श्री पागल शंकर इस्कॉन मंदिर में चोरी की एक गंभीर घटना सामने आई है. सोमवार देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर परिसर में घुसकर बड़ी मात्रा में मूर्तियां, नकदी और पूजा से जुड़ी बहुमूल्य वस्तुएं चुरा लीं. इस घटना से स्थानीय हिंदू समुदाय में गहरा आक्रोश और असुरक्षा की भावना फैल गई है.

चोरी कितने बजे हुई?

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नासिरनगर उपज़िला में स्थित इस मंदिर में चोरी रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई. चोरों ने मंदिर के कम से कम पांच कमरों के ताले तोड़ दिए और 14 मूर्तियों को अपने साथ ले गए. इनमें छह पीतल की और आठ पत्थर की मूर्तियां शामिल थीं. इसके अलावा दो दान पेटियों से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी का जूता, बांसुरी, पीतल के बर्तन, हारमोनियम, पानी की मोटर और अन्य अनुष्ठानिक वस्तुएं भी चोरी हो गईं.

घटना का पता सुबह करीब 4 बजे चला, जब पुजारी मंगल आरती के लिए मंदिर पहुंचे. टूटे ताले और बिखरा सामान देखकर उन्होंने तुरंत मंदिर सेवा प्रमुख सुखादा बलराम दास को सूचना दी. इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई.

मंदिर से जुड़े लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख और भय व्यक्त किया है. पुजारियों और सेवायतों का कहना है कि बार-बार इस तरह की घटनाएं होने से वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. एक महिला सेविका ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थित उसके कमरे से भी नकदी और आभूषण चोरी हुए हैं और वह अकेली होने के कारण खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही है.

फुटेज में दिखाई दिया संदिग्ध

प्रशासन की ओर से बताया गया कि मंदिर में लगे तीन सीसीटीवी कैमरों में से घटना के समय केवल एक ही चालू था. फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया है, लेकिन उसने खुद को कपड़े से ढक रखा था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा है. पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की है कि मूर्तियों को ग्रिल काटकर निकाला गया और इस मामले में केस दर्ज कर कई टीमें जांच में लगाई गई हैं.

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. हाल के वर्षों में मंदिरों में तोड़फोड़, मूर्तियों की चोरी और समुदाय के लोगों पर हिंसा की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इस्कॉन मंदिर में हुई यह चोरी भी उसी बढ़ते असुरक्षा के माहौल की ओर इशारा करती है, जिससे देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की चिंता और बढ़ गई है.

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