रामनवमी के दिन शपथ! बालेन शाह बने नेपाल के नए PM, हिंदू रीति-रिवाजों के साथ लिया शपथ ग्रहण
बालेन शाह नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं. उन्होंने आज धानमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ-साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी शपथ ली है. उनका यह शपथ समारोह हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हुआ है.

नई दिल्ली: नेपाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है. मात्र 35 साल की उम्र में बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं. शुक्रवार को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शीतल निवास में बालेन शाह को संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
बालेन शाह के साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी शपथ ली. यह शपथ ग्रहण समारोह हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ. सात शंखनादकों द्वारा शंख ध्वनि के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जो सफलता और शुभता का प्रतीक माना जाता है.
रामनवमी के शुभ दिन हुआ शपथ ग्रहण
बालेन शाह का शपथ ग्रहण रामनवमी के खास दिन हुआ. दोपहर 12:34 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने पद संभाला. इस मौके पर बालेन ने नेपाली टोपी पहनी हुई थी. शपथ ग्रहण के दौरान उनकी पत्नी सबीना और छोटी बेटी भी मंच पर मौजूद थी. एक प्यारी तस्वीर में बालेन अपनी बेटी को गोद में उठाए नजर आए, जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हो रही है.
चुनावी जीत और राजनीतिक सफर
बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने हाल के चुनाव में 275 सीटों में से 182 सीटें जीतकर बड़ा उलटफेर किया था. उन्होंने चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को उनके गढ़ झापा-5 में भारी मतों से हराया. बालेन पहले काठमांडू महानगरपालिका के मेयर रह चुके हैं. Zen-G आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है. युवा वर्ग उन्हें काफी पसंद करता है और उन्हें 'नायक' की तरह देखता है.
इंजीनियर से प्रधानमंत्री तक का सफर
बालेन शाह का जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में एक मधेसी परिवार में हुआ. उन्होंने काठमांडू से बैचलर डिग्री पूरी करने के बाद भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की.
इंजीनियरिंग की पढ़ाई ने उन्हें शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक वर्क्स की गहरी समझ दी. काठमांडू के मेयर के रूप में उन्होंने अपनी कार्यशैली से लोगों का विश्वास जीता. अब प्रधानमंत्री बनने के बाद नेपाल के लोगों को उनसे बड़े बदलाव की उम्मीद है.


