लॉन्च से पहले तकनीकी समस्या, इंसानों को चंद्रमा के पास भेजने वाला Artemis II मिशन टला

चंद्रमा की परिक्रमा के लिए तैयार नासा का आर्टेमिस II मिशन अंतिम समय में तकनीकी खराबी के कारण टाल दिया गया है. हीलियम प्रवाह से जुड़ी समस्या सामने आने के बाद लॉन्च तिथि रद्द कर दी गई, जिससे 50 साल बाद होने वाली ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा फिलहाल स्थगित हो गई.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के नए अध्याय की ओर बढ़ रहा NASA का बहुप्रतीक्षित आर्टेमिस II मिशन अंतिम समय में तकनीकी समस्या के कारण टल गया है. यह मिशन अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की कक्षा में भेजने और सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने के लिए तैयार किया जा रहा था. 50 से अधिक वर्षों में यह पहला अवसर होता, जब मनुष्य इतनी दूर अंतरिक्ष यात्रा पर निकलते.

आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर मानव वापसी और वहां दीर्घकालिक उपस्थिति की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से के चारों ओर लगभग 10 दिन की यात्रा करने वाले थे. हालांकि यह मिशन चंद्रमा पर लैंडिंग नहीं करेगा, लेकिन आगे होने वाले मानव लैंडिंग मिशनों की नींव रखेगा.

6 मार्च की लॉन्च तिथि रद्द

नासा ने पहले संकेत दिया था कि रॉकेट 6 मार्च को प्रक्षेपित हो सकता है. लेकिन अब एजेंसी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तारीख “विचार से बाहर” है.

नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने बताया कि अंतिम जांच के दौरान इंजीनियरों को एक तकनीकी गड़बड़ी का पता चला. उन्होंने कहा कि सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कार्य आवश्यक है और इस देरी से लोगों की निराशा को वे समझते हैं.

हीलियम प्रवाह में बाधा बनी वजह

मिशन में देरी की मुख्य वजह परीक्षण के दौरान हीलियम प्रवाह में आई रुकावट बताई गई है. रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली में हीलियम अहम भूमिका निभाता है. यह ईंधन टैंकों में दबाव बनाए रखने और कुछ हिस्सों को ठंडा रखने में सहायक होता है.

हालांकि शुरुआती जांच में कोई समस्या सामने नहीं आई थी, लेकिन इंजीनियरों ने रातभर की समीक्षा के बाद जोखिम न लेने का निर्णय लिया. नासा हीलियम से जुड़ी किसी भी तकनीकी गड़बड़ी को गंभीरता से लेता है.

वेट रिहर्सल के बाद आया फैसला

विलंब की घोषणा से एक दिन पहले ही कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र में पूर्ण "वेट रिहर्सल" परीक्षण संपन्न हुआ था. इस दौरान प्रक्षेपण जैसी परिस्थितियां बनाने के लिए रॉकेट में लगभग 730,000 गैलन ईंधन भरा गया. टीम ने इसे सफल पूर्वाभ्यास माना था.

यह प्रयास पिछली समस्याओं जिनमें फिल्टर और सील से जुड़ी दिक्कतों के कारण हाइड्रोजन रिसाव भी शामिल था को ठीक करने के बाद किया गया दूसरा परीक्षण था.

अंतरिक्ष यात्रियों से मिलिए

इस मिशन में तीन अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल हैं. वे ओरियन अंतरिक्ष यान में सवार होकर स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट से प्रक्षेपित किए जाने वाले थे.

आर्टेमिस II भविष्य के आर्टेमिस III मिशन का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिसका लक्ष्य 1972 के बाद पहली बार मनुष्यों को चंद्रमा पर उतारना है. अंतिम बार चंद्रमा पर मानव लैंडिंग अपोलो कार्यक्रम के दौरान हुई थी.

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